कौन हैं ये लोग, जिन्होंने सुषमा स्वराज को इतनी गालियां दी हैं?
और इसके बावजूद इन पर कोई ऐक्शन नहीं लिया जा रहा.
तन्वी सेठ को पासपोर्ट दिए जाने के बाद से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है.
25 जून 2018 (अपडेटेड: 25 जून 2018, 06:13 AM IST)
सोशल मीडिया के ट्रोल्स क्या-क्या कर सकते हैं और क्या-क्या कह सकते हैं, इसका सबसे हालिया उदाहरण विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हैं. 24 जून को सुषमा ने कुछ ऐसे ट्वीट्स को रिट्वीट किया है, जिसमें उन्हें अपशब्द कहे गए हैं और गालियां दी गई हैं. इसके साथ ही सुषमा स्वराज को फेसबुक पर भी ट्रोल किया जा रहा है और उनके पेज की रेटिंग कम करने की कवायद शुरू कर दी गई है.
कहां से शुरू हुआ विवाद?
अनस और तन्वी जिन्होंने दावा किया कि उनके साथ बदसलूकी हुई और बाद में उन्हें पासपोर्ट जारी कर दिया गया.
नोएडा के रहने वाले मोहम्मद अनस सिद्दीकी और उनकी पत्नी तन्वी सेठ ने लखनऊ में 19 जून को पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था. मोहम्मद अनस के पासपोर्ट का रिन्यूअल होना था, जबकि तन्वी सेठ का नया पासपोर्ट बनना था. 20 जून को दंपती को लखनऊ के रतन स्क्वॉयर स्थित पासपोर्ट ऑफिस बुलाया गया. तन्वी के मुताबिक जब कागजात सी- 5 काउंटर पर पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा के पास पहुंचे, तो उन्होंने कागजात की जांच के दौरान पति और पत्नी के धर्म अलग-अलग होने का हवाला देकर पासपोर्ट जारी करने से मना कर दिया और कहा कि दोनों धर्म बदलकर शादी कर लें, तो पासपोर्ट जारी हो जाएगा. हालांकि विकास मिश्रा का दावा था कि तन्वी के कागजात में नाम अलग-अलग थे, इस वजह से उन्होंने पासपोर्ट बनाने से मना किया था. इसी के बाद से विवाद शुरू हो गया था. अनस और तन्वी ने धर्म की वजह से पासपोर्ट न बनाए जाने को लेकर रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर विजय द्विवेदी से इसकी शिकायत कर दी और साथ ही पूरी घटना को ट्विटर पर बताते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को टैग कर दिया. इसके तुरंत बाद ही तन्वी सेठ का पासपोर्ट जारी कर दिया गया. बाद में ये सामने आया कि पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनका तबादला गोरखपुर के लिए कर दिया गया है. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद विकास मिश्रा का तबादला रोक दिया गया था.
विवादों में क्यों घिरीं सुषमा स्वराज?
सुषमा स्वराज को ट्विटर पर टैग करने के एक दिन के बाद ही तन्वी सेठ को उनका नया पासपोर्ट मिल गया. लेकिन इस पासपोर्ट के मिलने के साथ ही सोशल मीडिया पर लोग भड़क गए. सोशल मीडिया पर आरोप लगाया जाने लगा कि ट्विटर की वजह से तन्वी का पासपोर्ट बन गया है, जबकि उनके कागजात की जांच नहीं की गई. कहा गया कि तन्वी और उनके पति नोएडा में रहते हैं, लेकिन उन्होंने पासपोर्ट लखनऊ के पते पर बनवा लिया है, जो गलत है. इसके बाद पासपोर्ट ऑफिस की तरफ से मोहम्मद अनस और तन्वी सेठ के पते की जांच का काम लखनऊ पुलिस को सौंप दिया गया. लेकिन ट्रोलर्स को मौका मिल चुका था. पहले तो उन्होंने सोशल मीडिया पर
#IstandwithVikashMishra नाम से हैशटैग शुरू किया और फिर इन सबके लिए सीधे तौर पर सुषमा स्वराज को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके लिए खूब भला-बुरा कहा गया. इसकी बानगी देखिए-

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फिर सुषमा ने जो किया, उससे ट्रोलर्स शर्म से गड़ जाएंगे 
भारत में जब ये सब हो रहा था, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज देश के बाहर थीं. वो 17 जून से 2 जून तक इटली, फ्रांस, लग्जमबर्ग, बेल्जियम और यूरोपियन यूनियन के दौरे पर थीं. 24 जून को जब वो भारत लौटीं, उन्होंने एक ट्वीट कर लिखा-
'मुझे नहीं पता है कि उनके देश में न रहने के दौरान क्या-क्या हुआ. हालांकि, मैं कुछ ट्वीट्स से सम्मानित महसूस कर रही हूं. मैं उन ट्वीट्स को आप सभी के साथ साझा कर रही हूं, इसलिए मैंने उन्हें लाइक किया है.'
ये सुषमा स्वराज का तंज था, जो उन्होंने ट्रोलर्स पर कसा था. भारत लौटने के बाद सुषमा स्वराज ने अपने खिलाफ किए गए 60 ट्वीटस् को लाइक किया और कुछ को रिट्वीट भी किया.
कौन हैं ये लोग, जिन्होंने सुषमा को इतनी गालियां दी हैं?
सोशल मीडिया पर एक केंद्रीय मंत्री को गालियां देने वाले लोगों में बहुत से ऐसे लोग हैं, जिनके फॉलोवर केंद्रीय मंत्री से लेकर बीजेपी के बड़े-बड़े नेता और सेना के अधिकारी हैं. भला-बुरा कहने वालों में से एक को तो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक फॉलो करते हैं.
इस ट्वीट को करने वाली राजी को उसके ट्विटर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी फॉलो करते हैं.
इस ट्वीट को करने वाले को भी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से फॉलो करते हैं. इसके अलावा रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग भी इनको फॉलो करते हैं.
इस ट्वीट को करने वाले को केंद्रीय मंत्री आरके सिंह फॉलो करते हैं. इस ट्वीट को करने वाले को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और आरके सिंह दोनों ही लोग फॉलो करते हैं.
ये ट्वीट करने वाले गोपाल शर्मा को ट्विटर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल फॉलो करते हैं. इस ट्वीट को करने वाली कॉलमिस्ट शेफाली वैद्य को तो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, आरके सिंह, गिरिराज सिंह, धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी के साथ ही बीजेपी महासचिव राम माधव भी फॉलो करते हैं.
इस ट्वीट को करने वाले को भी पीयूष गोयल फॉलो करते हैं.
अवंतिका नाम से ट्वीट किए गए इस हैंडल को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ही केंद्रीय मंत्री आरके सिंह और गिरिराज सिंह दोनों ही फॉलो करते हैं.ट्विटर पर किसी को फॉलो करने में क्या दिक्कत है?वैसे तो सोशल मीडिया सबके लिए खुला हुआ मंच है. जो जिसको चाहे फॉलो कर सकता है, अपनी बात कह सकता है, दूसरे की बात सुन सकता है. लोग फॉलो भी किसी को इसलिए ही करते हैं, ताकि उसकी सोच को जाना जा सके, उसकी बात को समझा जा सके. लेकिन जिन लोगों ने फेसबुक और ट्विटर पर सुषमा स्वराज को गालियां दी हैं, उनको देश के सबसे जिम्मेदार पदों पर बैठे हुए लोग फॉलो कर रहे हैं. देश की रक्षा मंंत्री से लेकर देश के ऊर्जा मंत्री तक उन लोगों के विचार जानने के लिए उनको ट्विटर पर फॉलो कर रहे हैं, जो उनकी ही कैबिनेट के एक वरिष्ठ मंत्री को लगातार अपशब्द कह रहे हैं. अब इसे सिर्फ इस नज़रिए से तो नहीं ही देखा जा सकता कि इतने जिम्मेदार लोग ऐसी सोच को जानने के लिए किसी को भी ट्विटर पर फॉलो कर लें, जो सिर्फ गालियां ही देता हो.

सुषमा स्वराज केंद्रीय मंत्री हैं. ट्विटर पर उनके एक करोड़ से भी ज्यादा फॉलोवर हैं. फेसबुक पर भी उनके करीब 30 लाख फॉलोवर हैं और उन्हें पसंद करने वाले हैं. ऐसे में अगर सुषमा स्वराज को ट्रोल आर्मी इतनी आसानी से निशाना बना सकती है और उनके खिलाफ कैंपेन चला सकती है, तो फिर आम आदमी का क्या हश्र होगा, इसका अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं है.
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