सावजी ढोलकिया याद हैं? अरे वही सूरत के हीरा कारोबारी. जिन्होंने दो साल पहले दीवाली पर अपने कर्मचारियों को कार और फ्लैट जैसे गिफ्ट दिए थे. ये फोटो तब खूब शेयर हुई थी.
6 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की प्रॉपर्टी के मालिक हैं सावजी ढोलकिया. फिर से खबरों में हैं अपने बेटे की वजह से. बेटे को अपने ऑफिस में काम देने से पहले इन्होंने कोच्चि भेज दिया था, एक सिंपल सी नौकरी करने. ताकि वो दुनियादारी समझ सके, पैसे की कद्र सीख सके.
बेकरी आइटम बेचे, स्टाफ के साथ सोया
लड़के का नाम है धृव्य. सावजी ने तीन जोड़ी कपड़े और 7 हजार रुपये देकर उसे केरल भेज दिया. जाओ बेटा नौकरी करके आओ. धृव्य ने बताया कि पांच दिन उसे नौकरी खोजने, रहने की जगह तलाशने और खाने-पीने का इंतजाम करने में लगे. एक महीने के अंदर उसने तीन नौकरियां बदलीं. धृव्य बताते हैं,
'मुझे वहां की भाषा नहीं आती थी तो कोई मुझे नौकरी पर नहीं रख रहा था. फिर किसी तरह एक रेस्टोरेंट में नौकरी मिली. जहां मैं काउंटर पर खड़ा होकर बेकरी आइटम बेचता था. जहां उनका स्टाफ रहता था, मैं भी वहीं रहता था. जो वो लोग खाते थे, मैं भी वही खाता था. इसके बाद अपनी हालत सुधारने को मैंने दूसरी नौकरी खोजनी शुरू की.'

धृव्य बताते हैं,
'बड़ी मुश्किल से मुझे एडिडास के एक शोरूम में नौकरी मिल तो गई पर पहले ही दिन उन्हें समझ आ गया मैं उनके लायक नहीं हूं. वहां से मुझे निकाल दिया गया. इसके बाद एक कॉल सेंटर में नौकरी की. जो अमेरिका में लोगों को सोलर पावर वाली चीजें बेचती थीं. यहां मैं एक हद तक सक्सेसफुल रहा. वो मुझे हर दिन के हिसाब से पैसे देते थे. पर ये स्टार्टअप था, इसलिए पैसे ज्यादा नहीं मिलते थे. इस दौरान मैं दिन में सिर्फ एक बार खाना खाता था, वो भी एक प्लेट सांभर चावल. शाम को तो मुझे कंपनी में मिलने वाले ग्लूकोज बिस्किट से ही काम चलाना पड़ता था.'
वैसे लड़के का घर निकाला अब खत्म हो चुका है. वो घर वापस आ गया है. इसी मौके पर पिता जी ने पार्टी दी थी, जिसमें ये सारी बातें बताई गईं.