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सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया पलानीस्वामी के AIADMK चीफ बने रहने का फैसला, पूरा विवाद जान लीजिए

पनीरसेल्वम को झटका लगा है.

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के पलानीस्वामी (बाएं) व ओ पन्नीरसेल्वम (दाएं) (फोटो- आज तक)

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी (EPS) को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बड़ी राहत मिली है. गुरुवार, 23 फरवरी को मद्रास हाई कोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पलानीस्वामी को AIADMK का अंतरिम जनरल सेक्रेटरी बने रहने की अनुमति दे दी है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस हृषिकेश रॉय की बेंच ने 12 जनवरी को इस मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. ओ पन्नीरसेल्वम (OPS) द्वारा इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इसी याचिका को खारिज किया है. 

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क्या है AIADMK का विवाद?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुलाई 2022 में AIADMK की जनरल काउंसिल की एक बैठक हुई थी. इस बैठक के दौरान पार्टी के नियमों में कुछ बदलाव किए गए थे. जो बदलाव किए गए थे, उनके मुताबिक पलानीस्वामी को पार्टी के नेता के रूप में चुन लिया गया था. वहीं, इन बदलावों के कारण पन्नीरसेल्वम और उनके कुछ सहयोगियों को पार्टी से निकाल दिया गया था. इसी के खिलाफ कोर्ट में की दलीलें दायर की गई थीं. जिनपर अब आखिरी फैसला आया है.

सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच ने फैसला सुनाते हुए जस्टिस जी जयचंद्रन के 17 अगस्त, 2022 के आदेश को रद्द कर दिया था. इस आदेश में जस्टिस जयचंद्रन ने 23 जून के आदेश को जस का तस बनाए रखने की बात कही थी. जिसके मुताबिक पन्नीरसेल्वम को पार्टी का कोऑर्डिनेटर और पलानीस्वामी को पार्टी का जॉइंट कोऑर्डिनेटर बनाया गया था.

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सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए ये भी कहा है कि उसने जुलाई 2022 की जनरल काउंसिल की बैठक की वैधता के मामले में या मद्रास हाई कोर्ट के समक्ष लंबित किसी अन्य मुद्दे पर फैसला नहीं किया है.

पलानीस्वामी ने कोर्ट की तारीफ की

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए AIADMK नेता एडप्पादी पलानीस्वामी ने कोर्ट की तारीफ की और कहा कि ये पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा दिन है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पलानीस्वामी का प्रतिनिधित्व वकील आर्यमा सुंदरम, बालाजी श्रीनिवासन और रोहिणी मूसा ने किया था. वहीं, पन्नीरसेल्वम का प्रतिनिधित्व वकील रंजीत कुमार और गुरु कृष्ण कुमार ने किया.

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