21 मार्च को अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की गिरफ्तारी के बाद से आम आदमी पार्टी में एक नया चेहरा उभर कर सामने आया है. सुनीता केजरीवाल (Sunita Kejriwal). दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की पत्नी. सुनीता लगातार वीडियो संदेश जारी कर रहीं है. वो भी ठीक उसी कुर्सी और फ्रेम में जहां से अक्सर सीएम केजरीवाल संदेश जारी करते आए हैं. अरविंद केजरीवाल स्टाइल में प्रेस ब्रीफिंग से लेकर मीडिया से बातचीत, विधायकों से मिलना जुलना हो या रैलियों में जाना. राजनीतिक हल्कों में वो अब काफी एक्टिव नज़र आ रही हैं.
रैली, कैंपेन और कुर्सी...केजरीवाल के जेल जाने के बाद पत्नी सुनीता कैसे बनीं AAP का चेहरा?
दिल्ली के CM Arvind Kejriwal की गैरमौजूदगी में उनकी पत्नी Sunita Kejriwal लगातार एक्टिव हैं. प्रेस ब्रीफिंग से लेकर मीडिया से बातचीत, विधायकों से मिलना जुलना हो या रैलियों में जाना. कयास तो यहां तक लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में वो दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की कुर्सी संभाल सकती हैं.


केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद इसे एक पत्नी का गुस्सा कहा जाए या महज़ इत्तेफाक भर. या फिर इसके पीछे एक सोची-समझी रणनीति है. इस पर विस्तार से बात करेंगे. पर पहले एक नज़र डालते हैं कैसे पिछले 15 दिन में सुनीता केजरीवाल एक-एक सीढ़ी चढ़कर आप आदमी पार्टी के पोस्टर तक पहुंच रही हैं. बात शुरुआत से.
# दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद 23 मार्च को उन्होंने पहला वीडियो संदेश जारी किया. फ्रेम के बैकग्राउंड में तिरंगा, भगत सिंह और डॉ आंबेडकर की तस्वीर और वही कुर्सी जहां से अरविंद केजरीवाल प्रेस ब्रीफिंग करते थे. उन्होंने जनता को अरविंद केजरीवाल का भावुक संदेश पढ़कर सुनाया.

# 28 मार्च को वो दोबारा सामने आईं. पहली बार कथित शराब घोटाले को लेकर सवाल किए. उन्होंने पूछा कि कि छापे में एक भी पैसा नहीं मिला. शराब घोटाले का पैसा कहां है? हमें पैसे का सबूत दिया जाए. पैसों का सबूत क्यों नहीं दिया जा रहा?
# 29 मार्च को सुनीता केजरीवाल ने नए कैंपेन की शुरुआत की. उन्होंने इस कैंपेन का नाम 'केजरीवाल को आशीर्वाद' दिया. एक वॉट्सएप नंबर जारी कर उन्होंने जनता से मैसेज के जरिए आशीर्वाद भेजने की अपील की.
# इस बीच 30 मार्च को सुनीता झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन से मिलीं. दोनों की गले मिलते हुए तस्वीर सामने आई. ये मुलाकात दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर हुई. अधिकारियों ने बताया कि दोनों के बीच मुलाकात 15-20 मिनट तक चली. दोनों ने कहा कि केंद्र के खिलाफ लड़ाई में वे एकजुट होकर लड़ेंगी. दरअसल, झारखंड के पूर्व CM हेमंत सोरेन को ED ने 31 जनवरी को जमीन घोटाले को लेकर गिरफ्तार किया था.
# दिल्ली में 31 मार्च को विपक्ष की ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैली हुई. मंच पर 'INDIA' ब्लॉक के नेताओं की कतार में एक कुर्सी सुनीता केजरीवाल की भी थी. एक तस्वीर वायरल हुई जिसमें सुनीता सोनिया गांधी के बगल में बैठी थीं, उनसे गुफ्तगूं कर रही थीं.

इतना ही नहीं पहली बार सुनीता केजरीवाल ने रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने जेल से भेजा गया अरविंद केजरीवाल का पत्र भी पढ़ा. साथ ही केजरीवाल की गारंटियों के बारे में बताया. यहां गौर करने वाली बात ये है कि सुनीता के पास तो पार्टी में कोई पद है ना वो विधायक या सांसद हैं.
# 1 अप्रैल को कोर्ट ने सीएम अरविंद केजरीवाल को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया. उस दिन सुनीता केजरीवाल ने खुलकर बीजेपी पर निशाना साधा. कहा कि ‘इनका एक मकसद है चुनाव में केजरीवाल को जेल भेजना. जनता जवाब देगी.’
विवादों में जुड़ गया नया नामनेताओं और विवादों का नाता बड़ा ‘मधुर’ होता है. कुछ नेता तो खबर में ही विवादों की वजह से आते हैं. सुनीता भी इस खेल के नियम धीरे-धीरे समझ रही हैं. हाल ही में एक वीडियो संदेश में अरविंद केजरीवाल की सलाखों के पीछे वाली तस्वीर ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था. भगत सिंह के साथ अरविंद केजरीवाल की सलाखों वाली तस्वीर को लेकर उनके परपोते यादवेंद्र सिंह और बीजेपी ने आपत्ति जताई. इस विवाद को लेकर मनजिंदर सिंह सिरसा, वीरेंद्र सचदेवा समेत तमाम बीजेपी नेता AAP का विरोध करते नजर आए.
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सुनीता की तुलना बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से की है. उन्होंने कहा कि ‘जब बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में गिरफ्तार किया गया तो उनकी पत्नी राबड़ी देवी घोषणाएं करने लगी और धीरे-धीरे बिहार की मुख्यमंत्री बन गईं.’
सोशल मीडिया पर मिली बढ़तजो दिखता है वही बिकता है. नरेंद्र मोदी हों या फिर केजरीवाल, ये बात बाखूबी समझते हैं कि आज की राजनीति में सोशल मीडिया का रोल कितना अहम है. आज तक से जुड़े शुभम तिवारी/आकाश शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से सोशल मीडिया पर उनकी पत्नी सुनीता की सर्च बढ़ी है. लोग उनके बारे में ज्यादा जानना चाह रहे हैं. वीडियो जारी करने के बाद उनकी सर्च पीक पर पहुंच गई है. 'सुनीता केजरीवाल', 'Sunita Kejriwal' और '#SunitaKejriwal' जैसे शब्दों पर 22 मार्च से 28 मार्च के बीच 'X' पर लगभग 1.6 लाख पोस्ट हुई. इनपर 13 लाख से ज्यादा इंगेजमेंट रहा.
पार्टी मेम्बर नहीं फैमिली मेम्बर!बात अब सिर्फ मुख्यमंत्री की पत्नी होने के नाते मैसेज देने, रैली में चेहरा बनने या मीडिया मैनेजमेंट तक सीमित नहीं रह गई है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गैरमौजूदगी में उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल राजनीतिक बैठकों में भी शामिल हो रहीं हैं. खबर ये भी है कि 2 अप्रैल को दिल्ली सरकार के 6 मंत्रियों सहित 55 विधायकों ने उनके घर पर मीटिंग की. जाहिर हैं औपचारिक तौर पर तो सुनीता इस बैठक में शामिल नहीं हो सकतीं. क्योंकि न तो वो मंत्रीमंडल का हिस्सा हैं और न ही विधायक की सदस्य. मगर राजनीति में इतनी ‘लुकाछिपी’ तो चलती ही है.
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह जमानत पर जेल से छूटते हैं तो मुख्यमंत्री आवास जाते हैं. फिर वहां से एक तस्वीर आती है. जिसमें संजय सिंह सुनीता भाभी के पैर छूते हैं. सुनीता ने भी उन्हें गले लगाकर अभिवादन किया. इस बीच 6 अप्रैल को AAP नेता सौरभ भारद्वाज का एक बयान आता है. वो न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में कहते हैं कि
दिल्ली का CM कौन होगा?सुनीता केजरीवाल सालों से हर सुख-दुख में अरविंद केजरीवाल के साथ रही हैं. अगर वो पार्टी में आती हैं तो पार्टी को एकजुट करने में गोंद का काम करेंगी. हम इसे आशीर्वाद के रूप में देखते हैं. चूंकि वह परिवार की सदस्य हैं, इसलिए उन्हें जेल में मुख्यमंत्री से मिलने की इजाजत है, वह दिल्ली के मुद्दों को अरविंद केजरीवाल तक और उनके मुद्दों को हमतक लेकर आती हैं.
अरविंद केजरीवाल के बाद पार्टी में दूसरे नंबर पर कौन होगा, ये सवाल मौजूं हैं. केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से ही सुनीता का नाम चर्चा में है. लेकिन फिलहाल सुनीता जितनी चर्चा बटोर रही हैं, वो इन कयासों को और मजबूती देता है. इस बीच द इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुनीता केजरीवाल लोकसभा चुनाव के लिए AAP उम्मीदवारों के नामांकन और रैलियों का नेतृत्व करेंगी. AAP गुजरात में भरूच और भावनगर सीटों पर चुनाव लड़ रही है. उम्मीदवारों के नामांकन में शामिल होने के लिए वो गुजरात जा सकतीं हैं. पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा कि ‘AAP इस महीने के अंत में एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम की तैयारी में जुटी है.’ आने वाले समय में क्या सुनीता केजरीवाल दिल्ली का सीएम पद संभाल सकतीं हैं? इस पर इंडिया टुडे से जुड़े अमित भारद्वाज ने बताया,
बीजेपी में अगर पीएम मोदी के नाम पर वोट मिलता है तो आम आदमी पार्टी के लिए केजरीवाल के नाम पर लोग वोट डाले जाते हैं. केजरीवाल की गारंटी और वादों पर वोट पड़ता है. AAP में सभी नेताओं का रोल पहले से तय है. सुनीता केजरीवाल- इमोशनल कार्ड, आतिशी- सरकार का काम संभालेंगी, सौरभ भारद्वाज- अपना काम संभालने के साथ जैस्मीन शाह के साथ मिलकर मीडिया का काम संभालेंगे. आम आदमी पार्टी में सुनीता केजरीवाल को अहम भूमिका में लाया गया है. ताकि अरविंद केजरीवाल का चेहरा धूमिल न हो. लोगों को केजरीवाल के कामों के बारे में याद दिलाने के लिए वो समय समय पर आगे भी ब्रीफिंग करती रहेंगी. अरविंद केजरीवाल अभी दिल्ली के सीएम बने रहेंगे. अरविंद केजरीवाल के सीएम पद पर बने रहने के खिलाफ कोई कानूनी रोक नहीं है. वो सीएम बने रहेंगे. मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत दिल्ली की 18 से ज्यादा उम्र की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये देने की घोषणा कर के वो अपना ट्रंप कार्ड खेल चुके हैं.
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सुनीता केजरीवाल 22 साल तक भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी के तौर पर आयकर (Income Tax) विभाग में सेवा दे चुकीं हैं. उन्होंने 2016 में वीआरएस (Voluntary Retirement Scheme) ले लिया था. सरल भाषा में कहें तो प्री-मेच्योर रिटायरमेंट. रिकॉर्ड के मुताबिक उनके पास जूलॉजी में मास्टर डिग्री भी है. पर फिलहाल राजनीति का ककहरा सीखती दिखाई दे रही है.
वीडियो: 'मैं जल्द बाहर आऊंगा', जेल में बंद अरविंद केजरीवाल का संदेश लाईं पत्नी सुनीता केजरीवाल











