IMDB के साथ इंटरव्यू
में सुनील बताते हैं-
''मुझे नहीं पता कि ये फिल्म कैसे बनी, बस बन गई. हम रोज सुबह सेट पर आते. हमारे कॉस्ट्यूम्स हमें फैलाकर दे दिए जाते थे, उन्हें इस्त्री तक नहीं किया जाता था. डायरेक्टर (प्रियदर्शन) हमसे कहते कि दोपहर में जमीन पर अखबार बिछाकर सोना है, तो हम सो जाते. उन्होंने (प्रियदर्शन) कहा कि वो नहीं चाहते कि हम लोग कंफर्टेबल हो जाएं. अखबार पर सोने से हम रेस्ट तो कर लेते लेकिन बहुत सहज महसूस नहीं कर पाते. डायरेक्टर यही चाहते थे. इसकी शूटिंग के दौरान हमारा मेक अप तक नहीं होता था. अक्षय कुमार, मैं और परेश जी हमेशा साथ में रहते. अपनी लाइनें याद करके रिहर्सल करते रहते. लगातार इंप्रोवाइज़ करते रहते. प्रियदर्शन सर एकमात्र आदमी थे, जिन्हें ये पता था कि कट कब कहना है.''

'हेरा फेरी' में परेश ने बाबू भैया, सुनील ने श्याम और अक्षय ने राजू का रोल किया था.
जब सुनील से ये पूछा गया कि उनके मुताबिक इस फिल्म के सफल होने की सबसे बड़ी वजह क्या रही. इसके जवाब मे सुनील बताते हैं कि 'हेरा फेरी' से पहले अक्षय और वो दोनों एक्शन स्टार्स थे. उन दोनों को बाबू राव जैसा आदमी कंट्रोल करता है, पब्लिक को ये बात बड़ी फनी लगी होगी. यही वजह रही कि ये फिल्म इतनी बड़ी हिट रही है और समय के साथ कल्ट का दर्जा पा गई. इस फिल्म में परेश रावल ने बाबू राव नाम के एक शराबी का रोल किया था, जिसके घर में राजू और श्याम नाम के दो किराएदार रहते थे. राजू नाम के स्ट्रीट स्मार्ट लड़के के किरदार में थे अक्षय कुमार और श्याम नाम के भोले-भाले लड़के के कैरेक्टर में दिखे थे सुनील शेट्टी. अब यहां तक आ गए हैं, तो 'हेरा फेरी' के बेस्ट कॉमेडी सीन्स वाला वीडियो भी देख लीजिए:
बताया जाता है कि 'हेरा फेरी' 1989 में आई मलयाली भाषा की फिल्म 'रामोजी राव स्पीकिंग' से प्रेरित थी. इसे लिखा था नीरज वोरा ने और डायरेक्ट किया था प्रियदर्शन ने. 2006 में इसी फिल्म का सीक्वल आया 'फिर हेरा फेरी'. उसे भी खूब पसंद किया गया. पिछले काफी समय से इस सीरीज़ की तीसरी किस्त के बारे में बातें चल रही हैं. लेकिन फिलहाल सबकुछ कागज़ी है.
वीडियो देखें: अक्षय कुमार और अजय देगन जैसे क्यों बनना चाहते हैं सुनील शेट्टी?




















