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पता चल गया गोगामेड़ी की हत्या के पीछे कौन था

जयपुर के पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ के मुताबिक सभी हमलावरों की पहचान कर ली गई है.

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लोगों के बीच ‘सुखिया’ नाम से जाने जाने वाले गोगामेड़ी हनुमानगढ़ जिले की कोर्ट से सुनवाई के दौरान कटघरे से फांदकर भागने के बाद पहली बार सुर्खियों में आए थे. (फोटो- ट्विटर)

राजस्थान के जयपुर में 5 दिसंबर को सुखदेव सिंह गोगामेड़ी (Sukhdev Singh Gogamedi Murder) की गोली मारकर हत्या कर दी गई. सुखदेव राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना (Rashtriya Rajput Karni Sena) के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. दिनदहाड़े कुछ बदमाश गोगामेड़ी पर गोलियां चलाकर फरार हो गए. घटना के तुरंत बाद गोगामेड़ी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हमले की जिम्मेदारी गैंगस्टर रोहित गोदारा (Rohit Godara) ने ली है. इस घटना में गोगामेड़ी के साथ मौजूद अजीत सिंह नाम का एक व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुआ है. क्रॉस फायरिंग में नवीन सिंह शेखावत नाम के एक हमलावर की भी मौत हुई है.

जयपुर के पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ के मुताबिक सभी हमलावरों की पहचान कर ली गई है. उन्होंने कहा कि मृत हमलावर नवीन सिंह शेखावत जयपुर के शाहपुरा का रहने वाला था. और एक कपड़े की दुकान में काम करता था. हमले के बाद बाकी दो हमलावर स्कूटी से फरार हो गए.

आजतक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक रोहित गोदारा लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है. कुछ महीने पहले गोदारा ने अपने दुबई के नंबर से गोगामेड़ी को धमकी भी दी थी. गोदारा फिलहाल देश से फरार है. उसके खिलाफ NIA की जांच भी चल रही है. अरविंद ओझा के इनपुट के अनुसार घटना की जिम्मेदारी लेते हुए गोदारा ने कहा,

“सभी भाइयों को राम राम. मैं रोहित गोदारा. गोल्डी बराड़ भाइयों आज ये जो सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या हुई है, इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी हम लेते हैं. ये हत्या हमने करवाई है. मैं आपको बताना चाहता हूं की ये हमारे दुश्मनों से मिलकर उनका सहयोग करता था, उनको पूर्ण रूप से मजबूत करने का काम करता था. हमारे दुश्मन अपने घर की चौखट पर अपनी अर्थी तैयार रखें.”

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद लोगों ने मेट्रो मास हॉस्पिटल के आस-पास की सड़कों को ब्लॉक कर दिया है. इलाके में प्रदर्शनकारियों ने कई जगह आगजनी की है. घटना को लेकर राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया वेबसाइट X पर लिखा,

“राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है. ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करे और शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करे.”

बीजेपी नेता और जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा एक भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा. पिछली सरकार के कारण अपराधी गैंग पनपे. बीजेपी सरकार बनते ही लगाम लगाएंगे. ऐसे सभी लोगों को सुरक्षा दी जाए जिनको बदमाशों ने धमकी दी हुई है.

कौन थे गोगामेड़ी?

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी लोकेंद्र सिंह कालवी की राष्ट्रीय करणी सेना से जुड़े थे. लेकिन संगठन में कुछ विवाद होने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नाम से अपना अलग संगठन बना लिया था. वे ही इसके अध्यक्ष थे. साल 2017 में संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत की जयगढ़ में शूटिंग के दौरान राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के लोगों ने तोड़फोड़ की थी. फिल्म डायरेक्टर भंसाली पर हमला भी किया गया था. 

पद्मावत फिल्म पर विवाद से इतर राजस्थान से बाहर गोगामेड़ी की चर्चा एक विषय में हुई थी - गैंगस्टर आनंदपाल का एनकाउंटर और उसके बाद पूरे सूबे में हुए प्रदर्शन. 24 जून 2017 को राजस्थान पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल को चुरू के एक गांव में घेर लिया. आनंदपाल ने सरेंडर की बजाय पुलिस पर फायर खोल दिया और एक एनकाउंटर की शुरुआत हो गई. इसमें आनंदपाल मारा गया. इसके बाद राजस्थान के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए, जिनमें गोगामेड़ी ने भी हिस्सा लिया. 

लोगों के बीच ‘सुखिया’ नाम से जाने जाने वाले गोगामेड़ी हनुमानगढ़ जिले की कोर्ट से सुनवाई के दौरान कटघरे से फांदकर भागने के बाद पहली बार सुर्खियों में आए थे.