हरियाणा के नूह में 31 जुलाई को भड़की हिंसा के कारण 6 लोगों की मौत हो गई. अपनी जान गंवाने वालों में गुरुग्राम पुलिस के दो होमगार्ड भी शामिल हैं. होमगार्ड नीरज और होमगार्ड गुरसेव. दोनों होमगार्ड ड्यूटी पर थे और हिंसा काबू करने जा रही पुलिस टीम का हिस्सा थे. कानून और व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उनकी तैनाती पुलिस टीम के साथ गुरुग्राम से नूह में हुई थी. रास्ते में कुछ लोगों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव कर दिया था. इस हमले में कई पुलिसवाले घायल हुए थे जिनमें नीरज और गुरसेव शामिल थे. बाद में उनकी मौत की खबर आई.
'कोई और बहन विधवा ना हो', नूह हिंसा में मारे गए होमगार्ड के परिवार की बातें भावुक कर देंगी
नीरज के पिता बोले, 'सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाले लोग गलत हैं, कोई भी धर्म ऐसा नहीं कहता.'


इंडिया टुडे की श्रेया चटर्जी नीरज के परिवार से बात करने उनके घर पहुंचीं. ये लोग गुरुग्राम के गढ़ी बाजीदपुर में रहते हैं. नीरज के पूरे परिवार का बैकग्राउंड डिफेंस और होमगार्ड से जुड़ा है. नीरज को भी होमगार्ड की नौकरी करते हुए 14 साल हो गए थे. इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान नीरज के पिता चिरंजी लाल भावुक हो गए. उन्होंने कहा,
"मैंने देश के लिए सेवा की, मैंने करगिल में लड़ाई लड़ी है, मुझे गर्व है कि मेरा बेटा कर्तव्य निभाते हुए शहीद हो गया. मैं अपने पोते-पोतियों को भी देश की सेवा के लिए भेजूंगा.''
नीरज के पिता ने कहा कि सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाले लोग गलत हैं, कोई भी धर्म ऐसा नहीं कहता. उन्होंने बताया कि उनके गांव का माहौल बहुत बढ़िया है. गांव में लोग हमेशा शांति और सद्भाव से साथ रहे हैं और नूह में जो हुआ, वो नहीं होना चाहिए था.
वहीं, नीरज की पत्नी ने कहा,
''मैं सरकार से अपील करती हूं कि दोनों समुदाय के बीच की इस लड़ाई को रोके. मैं नहीं चाहती कि मेरी तरह और कोई भी बहन विधवा हो और किसी के बेटे अपने पिता को खोएं''.
हरियाणा पुलिस की ओर से नीरज और गुरसेव के परिवार को सभी तरह की मदद का भरोसा दिया गया है. पुलिस की ओर से जारी एक रिलीज में बताया गया कि उनके परिवार को 57 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.
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