लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री स्मृति (Smriti Irani) ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को कई मुद्दों पर घेरा. राहुल गांधी के सभी आरोपों का खंडन करते हुए स्मृति ईरानी ने कश्मीरी पंडितों का जिक्र किया.
संसद में राहुल की बात सुन भड़कीं स्मृति ईरानी किन महिलाओं का जिक्र कर बोलीं- ये गद्दार हैं!
"राष्ट्र के इतिहास में पहली बार भारत मां की हत्या की बात हुई और कांग्रेस पार्टी यहां पर तालियां बजाती रही."


दरअसल, राहुल गांधी ने लोकसभा में आरोप लगाते हुए कहा कि PM मोदी मणिपुर को हिंदुस्तान नहीं मानते. उन्होंने कहा कि मणिपुर में भारत माता की हत्या की गई है. इस पर स्मृति ईरानी ने कहा,
पहली बार राष्ट्र के इतिहास में भारत मां की हत्या की बात हुई और कांग्रेस पार्टी यहां पर तालियां बजाती रही. मैं आज हिंदुस्तानी होने के नाते कहती हूं कि मणिपुर विभाजित नहीं है. मेरे देश का अंग है. मणिपुर खंडित ना था, ना है और ना होगा.
राहुल गांधी ने मणिपुर में महिलाओं पर अत्याचार का मुद्दा भी उठाया. उस पर स्मृति ईरानी ने जम्मू कश्मीर का जिक्र किया और कहा,
गिरिजा टिक्कू के जीवन पर जब एक फिल्म में एक प्रति आया तो कांग्रेस के कुछ प्रवक्ताओं ने उसे प्रोपेगेंडा बताया. वो नहीं चाहते कि कश्मीरी पंडितों की दास्तान कहीं सुनाई जाए. गिरिजा टिक्कू और सरला भट्ट को इंसाफ कब मिलेगा? क्या कश्मीरी पंडितों की आवाज भारत की आवाज नहीं है?
स्मृति ईरानी ने 1984 के दंगों के दौरान महिलाओं के साथ हुई क्रूरताओं का भी जिक्र किया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने जाने पर भी बात की. कहा,
जिन वादियों को हिंदुस्तान ने खून से सना देखा है. जब कांग्रेस नेता वहां गए तो बर्फ के गोले बना रहे थे, घूम रहे थे. ये तब संभव हुआ जब प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 हटाई. राहुल गांधी ने धारा 370 को रीस्टोर करने की बात कही है. मैं कहना चाहती हूं कि इस देश में धारा 370 कभी नहीं लौटेगी.
मणिपुर में दो महिलाओं के साथ यौन हिंसा के मुद्दे पर स्मृति ईरानी बोलीं,
मैंने खुद मणिपुर के मुख्यमंत्री से बात करके त्वरित कार्रवाई की बात की और आरोपियों को पकड़ा भी गया. मामले में CBI की जांच चल रही है.
भाषण के दौरान स्मृति ईरानी ने राजस्थान के भीलवाड़ा में एक नाबालिग के रेप का जिक्र भी किया. बाकी राज्यों में महिला सुरक्षा की बात करते हुए कहा,
पश्चिम बंगाल में भी महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है. लेकिन ये लोग उस पर कुछ नहीं बोलते. ये चाहते हैं कि मणिपुर पर चर्चा हो. मणिपुर पर हमने बार-बार कहा कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन ये लोग भाग गए. हम कभी नहीं भागे. भागने की वजह ये है कि जब गृह मंत्री बोलने लगेंगे, परतें खोलने लगेंगे तो ये भाग जाएंगे.
वो आगे बोलीं,
2005-06 में UPA की सरकार थी. इन्हें पता चल गया था कि खुले में शौच की वजह से महिलाओं का बलात्कार हो रहा था. 2010 में विश्व बैंक ने कहा था कि स्वच्छता ना होने की वजह से देश की GDP पर नकारात्मक असर पड़ रहा था. ये चुप थे. 2019 तक हमने शौच की 100 फीसदी कवरेज दी. ये हंसते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि एक महिला का शौच के लिए जाते समय शारीरिक शोषण होना बहुत बड़ी सामाजिक चुनौती है और कांग्रेस के लोग इसका उपहास उड़ाते हैं.
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