नागराज, ध्रुव, सुपरमैन, बैटमैन की तरह ही कॉमिक्स वाला सुपर हीरो है कैप्टन अमेरिका. कैप्टन अमेरिका को 2011 में विश्व के सौ कॉमिक सुपर हीरो में छठवें नंबर पर रखा गया था. हॉलीवुड वाले फिल्में बनाते रहते हैं कैप्टन अमेरिका पर. क्रिस इवांस कैप्टन अमेरिका बनते हैं. अभी जल्द ही इस सीरीज की 'सिविल वार' फिल्म आई थी. एवेंजर्स फिल्म में भी कैप्टन अमेरिका होता है. जैसे नागराज, धुव राज कॉमिक्स वालों के पात्र हैं वैसे ही कैप्टन अमेरिका मार्वल वालों का है. कार्टूनिस्ट जो साइमन और जैक किर्बी ने ये कैरेक्टर रचा था. देशभक्त आदमी है कैप्टन अमेरिका. दूसरे वर्ल्ड वार में अपने देश के लिए लड़ता है. लेकिन अब वो असल जिन्दगी में आ गया है. उसे 'सिख कैप्टन अमेरिका' कहा जाता है.
कैप्टन अमेरिका का रूप धरने वाले इन महोदय का नाम है विश्वजीत सिंह. कार्टूनिस्ट हैं. वाशिंगटन में पैदा हुए. इनका दावा है कि ये भी अमेरिका के लिए लड़ाई लड़ेंगे. लेकिन इनकी लड़ाई थोड़ी अलग है. इनका मानना है जब से डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के प्रेसिडेंट चुने गए हैं, देश में कट्टरपंथ और धर्मान्धता बढ़ गई है. इससे लड़ने के लिए उन्होंने कैप्टन अमेरिका वाला लुक रखा है. नीले, लाल, सफ़ेद कपड़ों वाला लुक. वाशिंगटन पोस्ट को उन्होंने बताया कि मुझे पता था कि लोगों का माइंड ऐसे नहीं बदलेगा. जब से ट्रंप का कैम्पेन शुरू हुआ था तब से ही मैंने महसूस किया है कि सिखों, मुस्लिमों, लैटिन और दूसरे लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है. ट्रंप के जीतने के कुछ ही घंटों के बाद सिखों, मुस्लिमों, LGBT,अश्वेतों पर हमले हुए.

अमेरिका के एक क्राइम रिकॉर्ड ग्रुप ने कहा कि ट्रंप की जीत के बाद इस तरह की करीब 200 घटनाएं रिपोर्ट की गई थीं. विश्वजीत देश भर के कैंपसों में बोलते हैं. कहते हैं कि ट्रंप की वजह से देश में नफरत बढ़ गई है. ट्रंप ने लोगों के डर और शक का फायदा उठाया. बहुत से अमरीकियों को बेइज्जत किया. ट्रंप के अपने स्टीरियोटाइप हैं जिसके आधार पर वो अपने फैसले दे देते हैं. उन्होंने कहा
इस समय जो चीज मुझे ये करने के लिए प्रेरित कर रही है वो ये है कि एक अमरीकी भी हम लोगों को अमरीकी नहीं समझ रहा है. हम लोगों के ऊपर टैग लगा देते हैं. मुस्लिम, यहूदी, दक्षिणपंथी, वामपंथी. मैं चाहता हूं लोग इन सब टैग से बाहर निकलें. इस समय कैप्टन अमेरिका की सबसे ज्यादा जरूरत है. आप फिल्मों में देखते हैं वो मजबूत है. बुराइयों के खिलाफ लड़ता है. मुझे ये क्रिएटिव तरीका लगता है. विश्वजीत 9/11 के हमले के बाद से ही कट्टरपंथ से लड़ाई लड़ रहे हैं. कार्टूनिस्ट हैं तो अपने क्रिएटिव तरीकों से ही अपना मैसेज लोगों तक पहुंचाते हैं.
ये स्टोरी निशान्त ने की है.