हवा की गति बड़ी तेज़ होती है. बस समझिए कि उसी स्पीड से कोरोना वायरस भी फैल रहा है. इसे कंट्रोल करने के लिए सरकार ने कुछ दिन पहले एक ज़रूरी फैसला लिया. ये कि 1 मई से 18 साल के ऊपर के लोगों को भी वैक्सीन लगाई जाएगी. जैसे ही ये खबर आई इससे जुड़ी अफवाहें भी सोशल मीडिया के समंदर में गोते लगाने लगीं. पहले कहा गया कि वैक्सीन लगाने से फर्टिलिटी पर असर पड़ेगा, फिर कहा गया कि औरतों के पीरियड्स पर असर होगा. हमने इन दोनों टॉपिक पर कई सारे एक्सपर्ट्स से बात करके आपको ये बताया था कि दोनों दावे महज़ अफवाह हैं. इन पर डाउट क्लीयर हुआ तो हमारी धुरंधर जनता एक नया मैसेज वायरल करने लगी. ये कि औरतें पीरियड्स के दौरान वैक्सीन न लगवाएं, इससे इम्युनिटी पर निगेटिव असर होगा. और ये दावा ट्विटर पर तो वायरल हो ही रहा है, वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स भी इसे रट रहे हैं. मेरे ही पास मोबाइल पर कई सारे मैसेज आ चुके हैं. अब ये दावा कितना सही है कितना नहीं? इसी पर हम आगे बात करने वाले हैं. लेकिन पहले कुछ ट्वीट्स देख लीजिए, जो इस दावे को एकदम कॉन्फिडेंस के साथ शेयर कर रहे हैं-
क्या औरतों को पीरियड के दौरान कोरोना वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए?
कहा जा रहा है कि पीरियड के दौरान और उसके पांच दिन पहले, पांच दिन बाद वैक्सीन न लगवाएं.


इन ट्वीट्स के साथ एक तस्वीर भी बड़ी फैल रही है, ये देखिए-

ये पोस्टर बहुत वायरल है.
मुझे जो मैसेज वॉट्सऐप पर आया, वो इन्हीं ट्वीट्स का हिंदी वर्ज़न था. और बहुत ही अजीबों-गरीब भाषा में लिखा हुआ था. साफ पता चल रहा था कि अंग्रेज़ी वाले वायरल ट्वीट को गूगल ट्रांसलेटर पर रखने पर जो हिंदी अनुवाद मिला, उसे ही कॉपी पेस्ट किया गया है. खैर, लोग जो कहना चाह रहे हैं, उसका मतलब ये है-
"सभी औरतों के लिए एक रिमाइंडर. चूंकि 18 साल से ऊपर वालों के लिए टीकाकरण पहली मई से शुरू हो रहा है. इसलिए लड़कियों के लिए ये ज़रूरी है कि वो वैक्सीन लगवाने के पहले अपने पीरियड की तारीख चेक कर लें. पीरियड्स के 5 दिन पहले और बाद के 5 दिन तक इसे न लें. क्योंकि पीरियड्स के दौरान इम्युनिटी बहुत कम होती है. और वैक्सीन की डोज़ पहले आपकी इम्युनिटी को कम करती है और फिर बिल्ड करती है. इसलिए पीरियड्स के दौरान अगर आप वैक्सीन लेते हैं, तो उन पर खतरा ज्यादा रहता है. अपने लिस्ट की सभी लड़कियों को शेयर करें."
ट्विटर पर विरोध
ऐसा नहीं है कि हर कोई सोशल मीडिया पर इस तरह का दावा कर रहा है. कई सारे लोग ऐसे भी हैं जो इसका खंडन कर रहे हैं या फिर सवाल पूछ रहे हैं. जैसे 'The Witty Doctor' नाम के ट्विटर हैंडल ने इस पर लिखा-
अफवाह है- पीरियड्स के वक्त वैक्सीन न लें फैक्ट है- आधारहीन है. ब्लीडिंग फेज़ का वैक्सीनेशन से कोई लेना-देना नहीं है.
शालिनी वाइज़मेन नाम के ट्विटर हैंडल से लिखा गया-
"फिर से महिलाओं को निशाना बनाने वाली बकवास. इसका कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है कि आपके पीरियड्स के दौरान आपकी इम्युनिटी कम होती है. वैक्सीनेशन और मेन्स्ट्रुअल साइकल के बीच कोई साबित कनेक्शन नहीं है. पैड पहनिए और वैक्सीन लीजिए. इस दिक्कत से बाहर निकलने के लिए भारत को वैक्सीन लगवाने की ज़रूरत है."
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
इस पूरी भसड़ के बीच कहीं सच्चाई छिपी हुई थी. ये जानने के लिए क्या वाकई पीरियड्स के दौरान औरतों को वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए? हमने बात की डॉक्टर उर्वशी झा से, ये एक गायनेकोलॉजिस्ट हैं. उन्होंने कहा-
"पीरियड्स के दौरान बाकी वैक्सीन तो लगती हैं, उसका तो कोई ताल्लुक पीरियड्स से नहीं होता. इसका कोई तुक नहीं बनता कि पीरियड की वजह से आप वैक्सीन को 10 से 15 दिन और डिले कर दें. क्योंकि 15 दिन की देरी करना बहुत ज्यादा है. इम्युनिटी सिस्टम डाउन होने की जो दलील दी जा रही है, मैं बता दूं कि वैक्सीन से केवल 2 या 3 फीसद ही इम्युनिटी डाउन हो रही है, बाकी 97-98 फीसद तो काम कर ही रही है. इसलिए इस मार्जिनल डिफरेंस के लिए वैक्सीन को अवॉयड करना सही नहीं है. युवाओं की वैसे ही इतनी मौत हो रही है कोविड से. हम लोग पहले से ही यंग जनरेशन को वैक्सीन देने में देरी कर चुके हैं, ऐसे में इस तरह के मैसेज और गलत असर करेंगे. और मान लिया कि पीरियड के दौरान वैक्सीन लगवाने पर इम्युनिटी थोड़ी ज्यादा डाउन हो भी गई, तो ये बड़ा रिस्क फैक्टर नहीं है, इससे बड़ा रिस्क तो वैक्सिनेशन में 15 दिन की देरी करने से होगा. क्योंकि इस वक्त आप कोरोना की चपेट में आने की बड़ी रिस्क का सामना कर रहे हैं. इसलिए वैक्सिनेशन में इस पीरियड वाली बात को एक्सक्यूज़ न बनाएं, मौका आने पर लगवा ही लें. हां अगर आपको किसी तरह का बुखार है, तो फिर आप वैक्सीनेशन के पहले ठीक होने का इंतज़ार करें."

गायनेकोलॉजिस्ट उर्वशी झा
इसी दावे की सच्चाई को थोड़ा और क्लीयर करने के लिए हमने आगरा सरकारी अस्पताल में पोस्टेड डॉक्टर सुच्ची गुप्ता से भी बात की. ये गायनेकोलॉजिस्ट हैं. उन्होंने तो बताया कि पीरियड्स के कुछ दिन पहले और बाद में इम्युनिटी और स्ट्रॉन्ग हो जाती है. डॉक्टर सुच्ची ने कहा-
"ये दावा पूरी तरह गलत है. एक गायनेकोलॉजिस्ट होने के नाते मैं आप लोगों को ये बताना चाहती हूं कि पीरियड्स के दौरान और उसके बाद करीब 10 दिन तक आपकी इम्युनिटी ज्यादा स्ट्रॉन्ग होती है. महीने के बाकी दिनों की तुलना में. क्योंकि आपके शरीर में इस्ट्रोजन नाम के हॉर्मोन का लेवल ज्यादा होता है इस दौरान. तो ये चीज़ जो कही जा रही है कि इम्युनिटी डाउन हो जाती है, ये पूरी तरह से गलत है. इस बीच आप लोग आराम से वैक्सिनेशन करवा सकते हैं. लेकिन पीरियड्स के दौरान अगर आपका वैक्सिनेशन ड्यू है, तो कुछ बातों का ध्यान ज़रूर रखें. जैसे हाइड्रेशन प्रॉपर लेना होगा. पानी ज्यादा पीना चाहिए. अच्छे से नींद लें, स्ट्रेस न लें, और अच्छा हेल्दी खाएं. क्योंकि स्ट्रेस भी आपकी इम्युनिटी को कुछ हद तक डाउन करता है. तो बस इस बात का ध्यान रखिए और फ्री होकर वैक्सिनेशन करवाइए."

डॉक्टर सुच्ची गुप्ता, आगरा सरकारी अस्पताल
हमारी साथी प्रगति ने वैक्सीन एक्सपर्ट डॉक्टर विपिन वशिष्ठ से भी इस मुद्दे पर बात की. उन्होंने भी सोशल मीडिया पर वायरल दावे को खारिज किया. कहा कि पीरियड्स का और वैक्सीन का आपस में कोई रिलेशन नहीं है, जो भी बात फैल रही है, सब अफवाह है.

डॉक्टर विपिन वशिष्ठ, वैक्सीन एक्सपर्ट
इतने सारे एक्सपर्ट्स की बातें जानने के बाद आप इतना तो समझ गए होंगे कि वैक्सीन को लेकर फैलाई गई ये अफवाह सही नहीं है. कोई वैज्ञानिक आधार इस बात का नहीं है. इसलिए हम भी आपसे अपील करते हैं कि इन सारी अफवाहों के चक्कर में प्लीज़ मत आइए. मौका मिलने पर वैक्सीन ज़रूर लगवाएं. हां तब मत लगवाएं, जब बुखार हो या तबीयत सही न हो. और रही बात इम्युनिटी स्ट्रॉन्ग करने कि तो हेल्दी खाइए, एक्सरसाइज़ करिए, मास्क लगाएं और खुद को सुरक्षित रखिए. ये जान लीजिए कि एक्सपर्ट्स का भी ये कहना है कि कुछ एंटी-वैक्सर्स हर जगह मौजूद हैं, जो हर तरह की वैक्सीन का विरोध करते हैं. हो सकता है कि पीरियड वाली ये अफवाह भी उन्हीं में से किसी ने पैदा की हो. आखिर में सबसे अहम बात, सरकार की तरफ से पीरियड और वैक्सीन के कनेक्शन वाली कोई गाइडलाइंस नहीं निकाली गई हैं. हां जो गाइडलाइंस निकाली गई थीं, उसमें कहा गया था कि प्रेगनेंट औरतें वैक्सीन न लगवाएं.











.webp?width=275)

.webp?width=275)
.webp?width=120)

.webp?width=120)




