मूर्तिकार जयदीप आप्टे (Sculptor Jaydeep Apte) को महाराष्ट्र के कल्याण से गिरफ्तार किया गया है. आप्टे ने मालवण स्थित राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज (Shivaji Statue Collapse) की 35 फुट ऊंची मूर्ति बनाई थी. जो 26 अगस्त को ढह गई थी. विपक्षी दलों ने इसका जोरदार विरोध किया था. मूर्तिकार को पकड़ने के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई थीं. आप्टे एक सप्ताह से अधिक समय से फरार थे. उनके खिलाफ एक लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था.
मूर्तिकार जयदीप आप्टे गिरफ्तार, शिवाजी की मूर्ति बनाई थी जो ढह गई, PM मोदी ने किया था अनावरण
Jaydeep Apte को तब गिरफ्तार किया गया जब वो अपने परिवार से मिलने आए थे. आप्टे ने Chhatrapati Shivaji की मूर्ति बनाई थी जिसका अनावरण प्रधानमंत्री Narendra Modi ने किया था.


4 सितंबर की रात को आप्टे को तब गिरफ्तार किया गया जब वो अपने परिवार से मिलने आए थे. इंडिया टुडे से जुड़े मिथिलेश कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, मूर्तिकार मास्क पहनकर अंधेरे में पुलिस से बचते हुए अपनी पत्नी और मां से मिलने अपने घर पहुंचे थे. लेकिन वहां ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों ने शक के आधार पर उनसे पूछताछ. इसके बाद पता चला कि मास्क पहना व्यक्ति जयदीप आप्टे ही है.
Jaydeep Apte को अदालत में पेश किया जाएगाइससे पहले आप्टे के परिवार वालों ने पुलिस को बताया था कि मूर्तिकार 26 अगस्त को मालवन के लिए निकले थे. उसके बाद से आप्टे ने अपने परिवार से संपर्क नहीं किया. सिंधुदुर्ग, ठाणे शहर और ठाणे ग्रामीण पुलिस के अधिकारियों वाली पुलिस टीमें शाहपुर के होटलों की तलाश कर रही थीं. इनमें आप्टे के ससुराल वाले ठहरे थे.
गिरफ्तारी के बाद आप्टे को देर रात जोनल DCP के कार्यालय ले जाया गया. 5 सितंबर को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा. इसके बाद आप्टे की हिरासत सिंधुदुर्ग पुलिस को सौंप दी जाएगी.
PM Narendra Modi ने किया था अनावरणदिसंबर 2023 में इस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौसेना दिवस पर किया था. 26 अगस्त की रात को आप्टे और स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट चेतन पाटिल के खिलाफ हत्या के प्रयास, गैर इरादतन हत्या के प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने और लापरवाही सहित अपराधों के लिए FIR दर्ज की थी. FIR लोक निर्माण विभाग (PWD) की शिकायत पर आधारित थी.
महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मूर्ति के ढहने से राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. 1 सितंबर को महा विकास अघाड़ी के नेताओं ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ मार्च निकाला और मूर्ति निर्माण और अनुबंध प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया.
जयदीप आप्टे की गिरफ्तारी के बाद उनके वकील गणेश सोवनी ने दावा किया है कि आप्टे ने खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर किया है. उन्होंने कहा है कि गरमाते राजनीतिक माहौल को देखते हुए आप्टे के परिवार ने उनके सरेंडर का फैसला किया था.
वीडियो: तारीख: कोल्हापुर के विशालगढ़ किले की कहानी, छत्रपति शिवाजी महाराज से क्या संबंध है?






















