विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप में एक बार फिर पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई है. जयशंकर 23 से 27 मार्च तक दक्षिण पूर्व एशिया के तीन देशों - सिंगापुर, फिलिपींस और मलेशिया के दौरे पर हैं. 23 मार्च को सिंगापुर के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) के इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशियन स्टडीज (ISAS) में उनकी किताब ‘वाई भारत मैटर्स’ के सिलसिले में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. जहां उन्होंने भारत- पाकिस्तान के रिश्तों पर सवाल किए जाने पर कठोर शब्दों में जवाब दिया है.
'पाकिस्तान आतंक की इंडस्ट्री चलाता है...', जयशंकर ने चीन को भी सुनाया
External Affairs Minister S Jaishankar ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान का घेराव किया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि भारत का मूड अब आतंकियों को नजरअंदाज करने का नहीं है.

कार्यक्रम में जयशंकर के संबोधन के बाद सवाल जवाब होने थे. इस दौरान उनसे भारत- पाकिस्तान के रिश्तों पर सवाल किया गया. जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि हर देश एक स्थिर पड़ोसी चाहता है. और कुछ नहीं तो कम से कम एक शांत पड़ोसी की उम्मीद की जाती है. दुर्भाग्य से भारत के साथ ऐसा नहीं है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री ने कहा,
पाकिस्तान आतंक को इंडस्ट्री लेवल पर स्पांसर कर रहा है. आप ऐसे पड़ोसी से कैसे निपटेंगे जो इस फैक्ट को नहीं छुपाता है कि वो सरकार चलाने के लिए आतंकवाद का सहारा लेता है? ये एक बार होने वाली घटना नहीं है. बल्कि निरंतर है, लगभग इंडस्ट्री लेवल पर. इस बात को इग्नोर कर हम कोई रास्ता नहीं निकाल सकते.
चाहे ये समस्या कितनी भी कठिन क्यों न हो. हमें दूसरे देश को खुली छूट नहीं देनी चाहिए. जयशंकर ने कहा, भारत अब आतंकवादियों को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है.
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चीन से भारत के रिश्तों पर जयशंकर ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश पर चीन का दावा शुरू से हास्यास्पद था और आज भी है. क्योंकि अरुणाचल भारत का स्वाभाविक हिस्सा है. बता दें कि चीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अरुणाचल प्रदेश दौरे का विरोध किया था. बाद में एक बयान में विदेश मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न हिस्सा बताते हुए चीन के दावों को बेतुका कहकर खारिज कर दिया.









