ठीक रात 9.30 बजे वेस्ट यूपी के जिला अमरोहा के मेरे गांव सैद नगली से फोन आया. मैं ऑफिस से निकलने की तैयारी ही कर रहा था. बहन का फोन था. आवाज में उनकी एक डर था. और उस आवाज को मैं सुनके घबरा गया. खुदा खैर करे. पता नहीं क्या बात है. उन्होंने कहा असगर... गांव में नमक नहीं मिल रहा. कहां है तू? जल्दी से कुछ नमक खरीद ले. यहां बिलकुल नमक नहीं मिल रहा है. गांव में भगदड़ मची है लोग दुकानों की तरफ दौड़ लगा रहे हैं. पड़ोस और नमक 400 रुपये किलो भी नहीं मिल रहा है. ये खबर मुझे डराने वाली थी. मुझे ही क्या किसी को भी डरा सकती है.

जिला अमरोहा के गांव सैद नगली में परचून की दूकान पर नमक खरीदने को रात 9.30 बजे लगी भीड़.
लेकिन ठहरिये. और ज़रा सोचिये ऐसा कैसे संभव है कि अचानक से नमक ख़त्म हो जाए. न कहीं नमक की कमी है और न ही बनना बंद हुआ है. तो फिर काहे घबरा रहे हो. अगर इस घबराहट में नमक खरीद लोगे तो पक्का बाजार से नमक ख़त्म होने लगेगा. क्योंकि फालतू में ही आप घर में नमक भर बैठोगे. और फिर दुकानदार अपनी चांदी काट लेंगे. वो तो और नमक मंगा लेंगे. ये अफवाह कई जगह फैल रही है. आप इस अफवाह को फैलने से रोक सकते हैं. सबको बताएं कि कही कोई कमी नहीं हुई है नमक में. नमक बहुत है. घबराएं नहीं. इस चक्कर में आके महंगा नमक न खरीदें. इस अफवाह की सूचना मुझे यूपी के मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, संभल में तो फैली ही है. बिहार में भी ऐसी अफवाह फैलने की खबर है. पुलिस ने गांव में दुकानें बंद कराकर इस अफवाह पर रोक लगाने की कोशिश की है.
ऐसी अफवाह साल 2013 में भी फैली थी. बिहार और बंगाल में लोगों ने नमक खरीद के घरों में रख लिया था.
















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