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रविशंकर प्रसाद बोले, "मुसलमानों से गुज़ारिश है, राम मंदिर बन जाने दें"

"ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कभी कभी हिंदुओं की भावनाएं नहीं समझ पायेगा".

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केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद. राममंदिर. सांकेतिक फोटो.
17 दिसंबर को 'एजेंडा आजतक' के एक सेशन में रविशंकर प्रसाद आमंत्रित थे. उन्होंने ढेर सारी बातें की. जैसे कि राम मंदिर मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक में होनी चाहिए. मामले की जल्द सुनवाई ज़रूरी है. सुप्रीम कोर्ट को लोगों की व्यापक चिंता को समझना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि रामंदिर का मसला 70 साल से अदालत में पेंडिंग है. 10 साल से तो सुप्रीम कोर्ट में ही लंबित है. लोग हमसे राम मंदिर पर सवाल करते हैं. अगर कर्नाटक, सबरीमाला, आतंकियों की फांसी से जुड़े मामलों पर आधी रात को भी सुनवाई हो सकती है, दूसरे मामलों को भी कुछ ही समय में निपटाया जा सकता है. तो वे अपील करते हैं कि राम मंदिर से जुड़े मामले को भी जल्द निपटाया जाए.
उन्होंने सवाल उठाया कि कब तक ये मसला लटका रहेगा? देश के बहुत से मुसलमान भी चाहते हैं, राममंदिर का निर्माण हो जाए. उन्होंने कहा कि इस मामले में एक वादी के तौर पर भी मैं मुसलमानों से भी गुजारिश करता हूं. वे मंदिर बन जाने दें, इससे इस देश में एक नया भाईचारा पैदा होगा. अयोध्या में खुदाई में भी सातवीं शताब्दी का गर्भगृह निकला है. इस मामले में कई तथ्य हैं. जिन पर बहुत ज्यादा बहस की गुंजाइश नहीं है. सुप्रीम कोर्ट को भी इसमें ज्यादा वक्त नहीं लेना चाहिए.
रामजन्म भूमि के पास कार्यशाला. फाइल फोटो. इंडिया टुडे.
रामजन्म भूमि के पास कार्यशाला. फाइल फोटो. इंडिया टुडे.

इस सवाल पर कि क्या राम मंदिर पर सरकार विधेयक लाने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि संवैधानिक मर्यादाओं के तहत इस मामले का हल निकाला जाएगा. ये बहुत ही संवेदनशील विषय है. मसले का हल आपसी सहमति से निकले तो ज्यादा अच्छा है. देश की इच्छा है कि राम मंदिर बने. कुछ लोग इस मसले को राजनीतिक बनाते हैं. उनकी भावनाओं को समझना चाहिए. एक सवाल पर उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसी संस्थाएं कभी हिंदुओं की भावनाओं को नहीं समझ पाएंगी. इन संस्थाओं ने जब मुस्लिम महिलाओं का दर्द नहीं समझा तो ये हिंदुओं की भावनाएं क्या समझेंगी.
रफाएल पर कांग्रेस ने झूठ बोला
रफाएल पर कांग्रेस ने देश के सामने झूठ परोसा. सुप्रीम कोर्ट ने माना कि वायुसेना को मारक जहाज की ज़रूरत है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जो थोड़ा कन्फ्यूजन हुआ, उस पर भी करेक्शन हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि रफाएल खरीदने की प्रक्रिया में कहीं कोई खामी नहीं है. सीएजी रिपोर्ट पीएसी में गई कि नहीं, इससे सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा. सु्प्रीम कोर्ट का पूरा फैसला पीएसी पर डिपेंड नहीं है. कोर्ट ने माना है कि इस पूरे मामले में कोई कमर्शियल इंट्रेस्ट नहीं है. ऐसे में देश के सामने झूठ बोलने के लिए राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए.

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