OROP के लिए सुसाइड करने वाले फ़ौजी ने जहर खाने के पांच मिनट बाद किया था आखिरी कॉल
पढ़िए पूर्व फौजी रामकिशन ने आखिरी बार क्या कहा था.
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फोटो - thelallantop
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन के मामले पर प्रदर्शन कर रहे पूर्व फौजी रामकिशन ने सुसाइड कर लिया. उनने जहर खाकर अपनी जान दे दी. वो वन रैंक-वन पेंशन मुद्दे पर सरकार के फैसले से असहमत थे. और कुछ लोगों के साथ जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे थे. अब उनकी और उनके बेटे प्रदीप की फोन पर आखिरी बात का कॉल रिकॉर्ड सामने आया है. https://www.youtube.com/watch?v=UcMsx5luV7g रामकिशन बेटे को कॉल कर कहते सुनाई पड़ते हैं. रामकिशन - हैलो. अरे जोर से बोल. हां बोल यार. भाई ऐसा है प्रदीप, मैंने पॉइजन खा लिया. ठीक है. प्रदीप- ये क्या किया रामकिशन - तू छोड़ इन बातन को मैं इंडिया गेट पर बैठा हूं. जवाहर लाल संग्रहालय भवन और ये इंडियन नेशनल संग्रहालय इंडिया गेट का रास्ता है. वहां बैठा हूं. रही बात ये कि हमारे ही लोगों के साथ अन्याय अनर्थ हो रहा है तो हमसे देखा नहीं गया. प्रदीप- ये क्या किया आपने. रामकिशन- ये क्या नहीं किया. मेरे साथ अनर्थ हो रहा है. हमारे जवानों के साथ न्याय नहीं हुआ. हमारे साथ सूबेदार किशन हैं. नायक राजकुमार हैं. ह्यूमन राइट्स. तो इनफॉरमेशन कर दी भाई. तो रही बात ये हमारे की जवानों के साथ में अन्याय हो रहा है. अनर्थ हो रहा है. हमसे ये देखा नहीं गया. तो हमको ये लड़ाई लडनी थी. ये जवान जाने इनका काम जाने, के करें मिलके जवाब देना है. प्रदीप- ये क्या डिसीजन लिया आपने पापा. रामकिशन- डिसीजन का क्या मतलब होता है इसमें . तेरी मां से बात करा. प्रदीप- कितनी देर हो ली आपने.
कितनी देर हो ली आपने ये ली?
कितनी देर हो ली. रामकिशन - पांच मिनट हो गए प्रदीप- कितना लिया है रामकिशन - दो-तीन टेबलेट खा ली प्रदीप- कौन सी टेबलेट थी ये रामकिशन - सल्फास की... प्रदीप भाई बात सुन मैं बताऊं आपको. हम अपने उसूलों के आदमी हैं. (इस दौरान पीछे से कोई उन्हें बताता जाता है क्या बात कहनी हैं. ऑडियो से शक होता है कि इन लोगों की जानकारी में रामकिशन ने जहर खाया रहा होगा.) मैं अपने उसूलों का आदमी हूं, मेरे जवानों के लिए, मेरे देश के लिए. मैंने अपना जीवन न्यौछावर कर दिया. रही बात ये कि आगे के लिए कोई तो हो, न्याय होगा तो देखेंगे. तेरी मां से बात करा. प्रदीप- आप हिम्मत हार गए ठीक है न. रामकिशन- तू रहन दे. न करानी है बात तो न करा.
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