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राजनाथ सिंह ने इस बार कड़ी निंदा के अलावा भी एक काम किया है

ट्विटर पर ही सही, देश के गृहमंत्री नज़र आए.

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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह.

अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमला हुआ. सात लोगों की जान गई. सरकार ने अपना काम किया, मीटिंग बुलाईं. राजनाथ सिंह ने निंदा की.

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माने एक गंभीर हादसे के बाद जो कुछ कायदे से होना चाहिए, होता दिखा. लेकिन ट्विटर कहां मानता है. वहां आधी जनता मुसलमानों से हिसाब मांग रही थी, आधी कश्मीरियों से. कुछ ने पाकिस्तार पर हमला कर दिया था और कुछ ने भारत को विजयी भी घोषित कर दिया था. तो राजनाथ सिंह ने फिर कायदे की बात की. ट्वीट किया, सही बात है. कश्मीरियों ने हमले के खिलाफ बयान दिए हैं. जितने यात्री बच पाए, वो इसीलिए कि एक कश्मीरी ड्राइवर ने बस दौड़ाता रहा. लेकिन कुछ ट्विटर यूज़र ये समझने को तैयार नहीं थे. उन्होंने ऐसे ट्वीट किएः f1 इस ट्वीट में शुची सिंह कालरा जो कह रही हैं, उसका हिंदी सभ्य हिंदी अनुवाद मुश्किल है. अंग्रेज़ी आती हो तो आप सार्वजनिक तौर पर वो बात कह सकते हैं जो बर्दाश्त नहीं की जा सकती. खैर, कालरा राजनाथ से कह रही हैं कि इस वक्त कश्मीरियत से किसी को क्या लेना देना? आपका काम लोगों को शांत कराना नहीं है. आप उन बुज़दिलों को खोजिए और मारिए. और बात मारने की बस नहीं हो रही है. शुचि 'किल' की जगह 'कल' शब्द का इस्तेमाल कर रही हैं. इसका मतलब किसी नस्ल की बढ़ती जनसंख्या को रोकने के लिए उन जानवरों को मारने से है. शुचि वाली इंग्लिश में सेलेक्टिव स्लॉटर.

माने एक 'भारतीय' कह रहा है कि कश्मीरियों का (जिन्हें हम भारतीय मानते हैं) को चुन-चुन कर मारा जाए.

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ये वीभत्स था. ट्वीट में राजनाथ टैग थे तो उन्होंने शुचि को जवाब दियाः राजनाथ इस ट्वीट में कह रहे हैं कि कालरा जी, लोगों को शांत कराना यकीनन मेरी ज़िम्मेदारी है. देश के सभी हिस्सों में शांति बनाए रखना ही मेरा काम है. सभी कश्मीरी आतंकवादी नहीं होते. कालरा को उनका जवाब मिल गया. बाद में उन्होंने अपना ट्वीट भी डिलीट कर दिया. बाद में अकाउंट ही डिलीट कर दिया. लेकिन ये एक ट्वीट की बात थी, राजनाथ ने देश के गृहमंत्री की हैसियत से जितने ट्वीट किए, उनके एक से एक ओछे रिप्लाई किए गए हैं. वो सारी गंध आपको राजनाथ सिंह के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल के नीचे अब भी मिलेगी.
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