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राजस्थान : मंत्री ने CM गहलोत से कहा - "मुझे मंत्री पद से मुक्त करें, सब IAS को दे दीजिए"

क्या कहना है अशोक चांदना का? कौन है अधिकारी जिस पर लगे हैं आरोप?

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राजस्थान सरकार में राज्यमंत्री अशोक चांदना की सीएम गहलोत को इस्तीफे की पेशकश (फाइल फोटो क्रेडिट: फेसबुक)

"माननीय मुख्यमंत्री जी मेरा आपसे व्यक्तिगत अनुरोध है कि मुझे इस ज़लालत भरे मंत्री पद से मुक्त कर मेरे सभी विभागों का चार्ज श्री कुलदीप रांका जी को दे दिया जाए, क्योंकि वैसे भी वो ही सभी विभागों के मंत्री हैं. धन्यवाद."

ये ट्वीट है राजस्थान (Rajasthan) सरकार में राज्यमंत्री अशोक चांदना (Ashok Chandna) का. अशोक चांदना के पास युवा मामले और खेल विभाग, कौशल विभाग, रोजगार और उद्यमिता विभाग का स्वतंत्र प्रभार है. अशोक चांदना ने 26 मई की रात कुलदीप रांका पर नाराजगी जाहिर की. कुलदीप रांका राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के प्रमुख सचिव हैं. अशोक चांदना का कहना है कि मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ही सभी विभागों के मंत्री जैसा बर्ताव करते हैं, इसलिए उनके सभी विभागों का चार्ज कुलदीप रांका को दे दिया जाए.

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बीजेपी बोली- 'जहाज़ डूब रहा है…'

इसके बाद भाजपा नेताओं ने आशोक चांदना के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए राजस्थान सरकार पर हमला बोलना शुरू कर दिया. राजस्थान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट किया,

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हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक न्यूज एजेंसी पीटीआई से सतीश पूनिया ने कहा,

"यह अशोक गहलोत सरकार के 'शासन' का एक उदाहरण है. यह पार्टी आलाकमान की कमजोरी को दिखाता है. यह सरकार पर नौकरशाही के प्रभाव को भी दर्शाता है."

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उन्होंने आगे कहा,

"इसका एक पैटर्न है. पहले, गणेश घोगरा ने इस्तीफा भेजा और अब चांदना ने इस्तीफे की पेशकश की है. इससे शासन प्रभावित होता है."

अजमेर नॉर्थ से बीजेपी विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि मंत्रियों और विधायकों को मौजूदा सरकार पर भरोसा नहीं है. उन्होंने ट्वीट किया,

"राजस्थान की कांग्रेस सरकार में सरकार के मंत्री एवं विधायकों का विश्वास नहीं है. सरकार के मंत्री इस भ्रष्ट एवं अकर्मण्य सरकार से मुक्ति मांग रहे हैं. सरकार में मंत्रियों का यह हाल है, तो आम जन का कैसा होगा. माननीय मुख्यमंत्री जी अब इस डूबती कांग्रेस सरकार से राजस्थान को भी मुक्ति दो."

राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा?

आजतक से जुड़े शरत कुमार के मुताबिक, इस तरह हाल में राजस्थान के ये चौथे विधायक ने गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है. राजस्थान की गहलोत सरकार के खिलाफ कांग्रेस के एक और विधायक ने बीते बुधवार 25 मई को ही मोर्चा खोल था. चित्तौड़गढ़ के बेगू से आने वाले कांग्रेस विधायक राजेंद्र बिधूड़ी ने कहा था कि इस सरकार में कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है. बेगू में एक सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस विधायक ने कहा था कि रीट पेपर आउट मामले की जांच सरकार सीबीआई से नहीं करा रही है क्योंकि मंत्री को जेल जाने से बचाना चाह रही है.

प्रतापगढ़ से विधायक रामलाल मीणा ने 23 मई को ट्वीट कर कहा था कि डूंगरपुर से कांग्रेस बिखरने लगी है. उन्होंने लिखा,

"डूंगरपुर से कांग्रेस बिखरना प्रारम्भ हो चुकी है, शीर्ष नेतृत्व ध्यान दे! डेढ़ वर्ष बाद विधानसभा चुनाव है! उनके परिणामों पर भी ध्यान दे! पब्लिक को माननीय अशोक गहलोत जी साहब से खूब उम्मीदें हैं."

वहीं हाल ही में डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक गणेश घोगरा ने नाराज होकर इस्तीफा दिया था. घोगरा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपना इस्तीफा भेजते हुए स्थानीय प्रशासन पर कई आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि जनता की समस्याओं की आवाज उठाने पर उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है. बता दें कि गणेश घोगरा राजस्थान यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं. 

वीडियो- राजस्थान के भरतपुर में दलित के 'पलायन' के वायरल वीडियो का सच क्या है?

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