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पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की सिक्योरिटी हटाई, केंद्र ने तुरंत CRPF कवर दे दिया

हरभजन के लिए केंद्रीय सुरक्षा मंजूर होने की खबर तब सामने आई, जब एक न्यूज रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा हटा ली है.

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हरभजन सिंह ने राघव चड्ढा के साथ भाजपा में जाने की घोषणा की थी (PHOTO-India Today)

आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह को केंद्र सरकार ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सुरक्षा मुहैया कराई है. हरभजन सिंह को ये सुरक्षा पंजाब सरकार की ओर से उनकी सिक्योरिटी वापस लेने की खबरों के बीच मिली है. हरभजन सिंह राघव चड्ढा समेत AAP के उन 7 राज्यसभा सांसदों में शामिल हैं, जो बीजेपी में जाने वाले हैं. इस ऐलान से नाराज आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ता हरभजन सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. जालंधर में उनके आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने ‘गद्दार’ भी लिख दिया था. 

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हरभजन के लिए केंद्रीय सुरक्षा मंजूर होने की खबर तब सामने आई, जब एक न्यूज रिपोर्ट में दावा किया गया कि पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा हटा ली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 25 अप्रैल को हरभजन सिंह की पुलिस सुरक्षा हटा ली गई, जिसमें 9-10 सुरक्षाकर्मी शामिल थे. हालांकि, इसके अगले ही दिन उनके घर के बाहर CRPF के सुरक्षाकर्मी तैनात दिखे. 25 अप्रैल को AAP कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान हरभजन के घर की बाहरी दीवार पर स्प्रे पेंट से “गद्दार”शब्द लिख दिया गया था. पंजाब में AAP छोड़कर BJP में शामिल हुए राज्यसभा के दो अन्य सदस्यों अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के घरों के बाहर भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए.

बता दें कि राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी ने एक साथ आम आदमी पार्टी छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया था. घटना के तुरंत बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सातों नेताओं को ‘गद्दार’ कहा था. AAP से यह हाई-प्रोफाइल ‘दलबदल’ तब हुआ जब राघव चड्ढा को राज्यसभा में AAP के उपनेता पद से हटाए जाने की घोषणा हुई थी. इस डिमोशन के बाद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर पार्टी के खिलाफ कई बातें कहीं. उन्होंने कहा था कि उन्हें राज्यसभा में चुप करवाया जा रहा है.

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आखिरकार 24 अप्रैल को AAP छोड़ने की घोषणा करते हुए चड्ढा ने आरोप लगाया कि पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिक आदर्शों से भटक गई है. इसी आधार पर उन्होंने BJP में शामिल होने के अपने फैसले को सही ठहराया. उन्होंने कहा कि वह और AAP छोड़कर जाने वाले छह अन्य सांसद एक गुट के तौर पर भाजपा में शामिल हो गए हैं.

वीडियो: नेतानगरी: BJP और राघव चड्ढा के बीच कैसे हुई डील? अरविंद केजरीवाल के लिए कितना बड़ा झटका?

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