ये फोटो इंडियन एक्सप्रेस तक ने 28 जुलाई को पहले पेज पर छाप दी. ये बताकर कि ये फोटो सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अहमदाबाद की है. फोटो में एयरपोर्ट पर खूब पानी भरा दिखता है और उस पानी में प्लेन खड़े दिखते हैं.

ये फोटो इंडियन एक्सप्रेस अखबार में छपी है.
हकीकत ये है कि फोटो चेन्नई एयरपोर्ट की है, वो भी 2015 की. वहां दिसंबर, 2015 के शुरुआती हफ्ते में बारिश के बाद ऐसे हालात हो गए थे. उस वक्त भी अखबारों ने ये फोटो छापी थी. इसके अलावा ट्विटर भी ये फोटो खूब चली थी.

ये वो फोटो है, जो दो साल पहले आई बाढ़ के दौरान ली गई थी.
ये गलती सिर्फ इंडियन एक्सप्रेस से ही नहीं हुई. चूंकि ये फोटो पीटीआई ने जारी की थी, तो लगभग सभी बड़े अखबारों, न्यूज चैनल और वेबसाइट ने ये फोटो इस्तेमाल कर ली. इतना ही नहीं ऑल इंडिया रेडियो ने भी इस फोटो का हवाला देते हुए बाढ़ की खबर प्रकाशित की, जिसके बाद प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर ने ट्वीट कर माफी मांगी है.
— SM Hoax Slayer (@SMHoaxSlayer) July 27, 2017
फिर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी पीटीआई से सफाई मांगी और सभी को आगाह भी किया.
पीटीआई को गलती का एहसास हुआ. पीटीआई ने केंद्रीय मंत्री को ट्वीट करते हुए माफी मांगी और बताया कि फोटो भेजने वाली फोटोग्राफर की पीटीआई के साथ सेवाएं खत्म कर दी गई हैं.
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