The Lallantop

अमेरिका गए मोदी एलन मस्क से मिलेंगे, क्या 'टेस्ला' शर्तें मान भारत में फैक्ट्री लगाएगा?

भारत में टेस्ला की फैक्ट्री पर बात कहां अटकी थी, क्या अब बात बन जाएगी?

Advertisement
post-main-image
2015 में टेस्ला हेडक्वार्टर में मिले थे पीएम मोदी और एलन मस्क (फोटो- Narendra Modi/Twitter)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे पर टेस्ला के CEO एलन मस्क से भी मुलाकात करेंगे. मोदी और मस्क के बीच ये मुलाकात तब होने वाली है, जब भारत में टेस्ला की फैक्ट्री लगने को लेकर खूब चर्चा चल रही है. पिछले महीने इस इलेक्ट्रिक कार कंपनी के कुछ अधिकारी दिल्ली भी आए थे. उन्होंने भारत में कंपनी की संभावनाओं को लेकर सरकार के साथ बातचीत की थी. नरेंद्र मोदी 21 से 24 जून के बीच अमेरिका के दौरे पर हैं. इससे पहले सितंबर 2015 में भी पीएम मोदी ने एलन मस्क से मुलाकात की थी.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

टेस्ला एशिया में चीन के अलावा नई जगह तलाश रही है. एलन मस्क से एक इंटरव्यू में पूछा गया था कि क्या वे भारत में टेस्ला की फैक्ट्री लगाना चाहते हैं तो उन्होंने जवाब दिया था- "बिल्कुल". मस्क ने कहा था कि इस साल के अंत तक जगह को फाइनल कर लिया जाएगा. हालांकि अभी तक भारत में इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

पिछले महीने जब टेस्ला के अधिकारी भारत आए थे तो केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा था कि टेस्ला भारत में अपने प्लान को लेकर गंभीर है. चंद्रशेखर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को इंटरव्यू दिया था. उन्होंने कहा था, 

Advertisement

"वे (टेस्ला) भारत में प्रोडक्शन और इनोवेशन बेस बनाने को लेकर सीरियस हैं. हमने उनसे कहा है कि भारत में निवेश को लेकर उनकी जो भी महत्वाकांक्षाएं हैं, सरकार उनमें साथ देगी."

क्या चाहती है टेस्ला?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार और टेस्ला के बीच पिछले साल हुई बातचीत रुक सी गई थी. क्योंकि सरकार ने टेस्ला को प्रस्ताव दिया था कि वो लोकल स्तर पर कार की मैन्यूफैक्चरिंग करे. लेकिन टेस्ला पहले कार एक्सपोर्ट करना चाहती थी, ताकि वो यहां की मांग को समझ सके.

हालांकि पिछले महीने की बैठक के बाद ये बर्फ पिघलती हुई नजर आई. टेस्ला ने इस बैठक में भारत में इलेक्ट्रिक व्हिकल (EV) बनाने के लिए फैक्ट्री लगाने का प्रस्ताव दिया था. साथ ही वो EV बैट्रियों का उत्पादन भी करना चाहते हैं. राजीव चंद्रशेखर ने कहा था कि जब ऐसी चर्चा होती है तो आप सिर्फ कार के बारे में बात नहीं करेंगे. उनके मुताबिक, कार से लेकर एनर्जी और मैन्यूफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी पर भी बातचीत हुई.

Advertisement

2015 के दौरे के वक्त मोदी टेस्ला मोटर्स के हेडक्वार्टर भी गए थे. प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर दो तस्वीरें पोस्ट की थी. लिखा था कि बैटरी टेक्नोलॉजी किस तरीके से किसानों की मदद कर सकती है, इस पर चर्चा हुई.

पीएम मोदी की मस्क से ये मुलाकात ऐसे दौर में भी हो रही है, जब ट्विटर और भारत सरकार के बीच दिक्कतें खत्म हो चुकी हैं. बीते दो सालों में ट्विटर और भारत सरकार के बीच खूब तकरार चली थी. पिछले साल एलन मस्क ट्विटर के मालिक बने. इस साल मस्क ने भारत के कानूनों को मानने की बात कही थी. एक ट्विटर स्पेस में BBC से बात करते हुए मस्क ने कहा था कि भारत का सोशल मीडिया कानून पश्चिमी देशों के मुकाबले सख्त है. हम किसी देश के कानून से ऊपर नहीं हैं. अगर, मेरे पास एक विकल्प होगा कि हमारे लोग या तो जेल जाएं या फिर कानून का पालन करें तो मैं कानून का पालन करना चाहूंगा.

इस दौरे में, मस्क के अलावा नरेंद्र मोदी कई अर्थशास्त्रियों, वैज्ञानिकों, हेल्थ सेक्टर के एक्सपर्ट, उद्योगपतियों और नोबेल पुरस्कार विजेताओं से भी मुलाकात करने वाले हैं. 21 जून को सबसे पहले मोदी न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे. फिर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात करेंगे. 9 साल के कार्यकाल में पीएम मोदी का अमेरिका यह पहला राजकीय दौरा होगा. इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नवंबर 2009 में राजकीय दौरा किया था.

वीडियो: एलन मस्क को 80 हज़ार करोड़ का नुकसान, दुनिया का सबसे ताकतवर स्टारशिप रॉकेट हवा में ब्लास्ट हो गया

Advertisement