नागरिकता संशोधन कानून को लेकर युवाओं में बड़ी चर्चा है. बहुत से सवाल युवाओं के मन में भर दिए गए हैं. बहुत से युवा अफवाहों के शिकार हुए हैं. ऐसे युवाओं को समझाना और संतुष्ट करना हम सबकी जिम्मेदारी है. राष्ट्रीय युवा दिवस पर देश और पश्चिम बंगाल और नॉर्थ ईस्ट के युवाओं से इस पवित्र भूमि से कहना चाहता हूं कि नागरिकता देने के लिए हमने कोई रातों-रात कानून नहीं बनाया है.
हमें यह पता होना चाहिए कि दूसरे देश का कोई भी नागरिक भारत की नागरिकता ले सकता है. यह कानून नागरिकता देने का कानून है, लेने का नहीं. नागरिकता संशोधन कानून केवल पहले से मौजूद कानून में केवल एक संशोधन है. इसमें बंटवारे की वजह से जिन लोगों को संकटों का सामना करना पड़ा, उन्हें पूज्य महात्मा गांधी से लेकर तब के दिग्गज नेताओं का यही कहना था कि भारत को ऐसे लोगों को नागरिकता देनी चाहिए, जिन पर धर्म की वजह से अत्याचार किया जा रहा है.' किसी भी धर्म का व्यक्ति चाहे वो भगवान को मानता हो या न मानता हो, जो व्यक्ति भारत के संविधान को मानता है वो तय प्रक्रियाओं के तहत भारत की नागरिकता ले सकता है.इसके बाद पीएम मोदी ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया. पीएम मोदी ने करप्शन का मुद्दा उठाया. बिना नाम लिए सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा. कहा, कटमनी नहीं होने, सिंडिकेट के नहीं चलने की वजह से केंद्र की योजनाओं को राज्य सरकार लागू नहीं कर रही है. पीएम ने कहा,
मैं नहीं जानता हूं कि आयुष्मान भारत और पीएम किसान निधि योजनाओं को राज्य सरकार मंजूरी देगी या नहीं, लेकिन अगर दे देगी तो यहां के लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा. मैं आपको बता दूं कि आयुष्मान भारत योजना से 75 लाख मरीजों को गंभीर बीमारी की स्थिति में मुफ्त इलाज मिल चुका है. कोई बिचौलिया नहीं, कोई कट नहीं, सिंडिकेट का चलता नहीं तो इन योजनाओं को कौन लागू करेगा?
मेरे दिल में हमेशा दर्द रहेगा और मैं चाहूंगा, ईश्वर से प्रार्थना करूंगा की बंगाल के नीति निर्धारकों को सद्बुद्धि दें, गरीबों की मदद के लिए आयुष्मान योजना और किसानों की जिंदगी में पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मेरे बंगाल के गरीबों और किसानों को मिले.
मैं कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम, भारत के औद्योगीकरण के प्रणेता, पश्चिम बंगाल के विकास का सपना लेकर जीने वाले और एक देश, एक विधान के लिए बलिदान देने वाले डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा करता हूं. आज के इस अवसर पर मैं बाबा साहब आंबेडकर को याद करता हूं. दोनों ने स्वतंत्रता के बाद के भारत के लिए नई नीतियां दी थीं. बाबा साहब ने देश की पहली जल संसाधन नीति दी थी. देश में नदी घाटी परियोजनाओं और पोर्ट के विकास श्रेय इन दोनों लोगों को जाता है.पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को राजभवन में पीएम मोदी से मुलाकात की थी. लेकिन रविवार को हुए इस कार्यक्रम में नहीं गईं.
नरेंद्र मोदी सरकार से सुप्रीम कोर्ट से कहा, धारा 144 को अनंतकाल के लिए नहीं लगा सकते






















