इजरायल-हमास जंग अब भी जारी है. 7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुई जंग में अब तक फिलिस्तीन के 13000 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं. इसमें 5000 से अधिक मासूम बच्चे हैं. इज़रायल के भी 1200 से अधिक लोग मारे गए हैं. बावजूद इसके, सीज़फायर होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही. इस बीच एक अच्छी खबर आई है. हमास-इजरायल के बीच 50 इजरायली बंधकों को छोड़ने पर सहमति बन गई है. भारत के प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने भी G20 वर्चुअल समिट के दौरान इस फैसले पर खुशी जाहिर की.
हमास ने 50 इज़रायली बंधक छोड़ने का वादा किया तो पीएम मोदी ने ये कहा
पीएम मोदी G20 वर्चुअल समिट को संबोधित कर रहे थे.


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 नवंबर की G20 की वर्चुअल समिट को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने इजरायल-हमास जंग में हमास द्वारा 50 बंधकों के छोड़े जाने पर खुशी जाहिर की. कहा,
"आज हमारा एक साथ आना इस बात का प्रतीक है कि हम सभी मुद्दों के प्रति संवेदनशील हैं. और इनके समाधान के लिए एकसाथ खड़े हैं. हम मानते हैं कि आतंकवाद हम सभी को अस्वीकार्य है. सिविलियन्स की मौत कहीं भी हो, निंदनीय है."
पीएम मोदी ने आगे कहा,
बंधकों को छोड़ने पर सहमति"आज हुए होस्टेजेस के रिलीज के समाचार का हम स्वागत करते हैं. उम्मीद करते हैं कि सभी बंधक जल्दी रिहा हो जाएंगे. मानवीय सहायता का समय से, और निरन्तर पहुंचना आवश्यक है. ये सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि इजरायल और हमास की लड़ाई किसी तरह का क्षेत्रीय रूप धारण न कर ले. आज संकटों के जो बादल हम देख रहे हैं, वन फैमिली(G20) में वह ताकत है कि वह इनसे निपट सकते हैं."
इजरायली कैबिनेट में 22 नवंबर 2023 को एक एग्रीमेंट पर वोटिंग हुई. इस एग्रीमेंट के मुताबिक इजरायल-हमास के बीच 50 बंधकों(इजरायली) को छोड़ने पर सहमति बनी है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल के एक सरकारी अधिकारी ने 21 नवम्बर को पत्रकारों को इसकी सूचना दी थी कि हमास 50 बंधकों को छोड़ने पर सहमत हो गया है. इनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं. इन बंधकों को प्रतिदिन 12-13 के ग्रुप में रिलीज किया जाएगा. कैबिनेट मीटिंग में शामिल इजरायली मंत्रियों ने बताया कि बंधकों को 23 नवंबर से छोड़ा जाने लगेगा.
जब इज़रायली बंधक छोड़े जाएंगे, लड़ाई कुछ वक्त के लिए रोकी जाएगी. इससे गाज़ा तक राहत सामग्री पहुंचाना आसाना हो जाएगा. बदले में इज़रायल भी कुछ फिलिस्तीनी बंधकों को रिहा करेगा. इनकी संख्या कितनी होगी ये स्पष्ट नहीं है.
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