नई याचिका का मसला सैफ के इसी इंटरव्यू से उठ खड़ा हुआ है. यूपी के लॉयर हिमांशु श्रीवास्तव ने जौनपुर जिले के मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपनी शिकायत दर्ज कराई. कहा कि अपने कमेंट से सैफ ने 'सनातन धर्म में विश्वास होने' को नेगेटिव तरीके से दर्शाया. हिमांशु ने अपने साथ-साथ इंटरव्यू देखने वाले बाकी लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होने की भी बात कही. कोर्ट ने 23 दिसम्बर की तारीख सुनवाई के लिए फ़िक्स की है.

सैफ अली खान और ओम राउत इससे पहले 'तान्हाजी' में भी साथ काम कर चुके हैं. फोटो - फिल्म स्टिल
हिमांशु ने अपनी पिटिशन में कहा कि उन्हे सनातन धर्म में अटूट विश्वास है. आगे जोड़ा कि भगवान राम को अच्छाई का और रावण को बुराई का प्रतीक माना जाता है.
बताते हैं सैफ के विवादित इंटरव्यू की कहानी. उन्होंने कहा था,
"राक्षसों के राजा का किरदार प्ले करना इंटरेस्टिंग है. हम उसका मानवीय पक्ष दिखाएंगे. जस्टिफाई करेंगे कि क्यूं सीता का अपहरण गलत नहीं था. लक्ष्मण ने उसकी बहन शूर्पणखा के साथ जो किया, उसी का बदला लेने के लिए उसने राम से लड़ाई की."इंटरव्यू आते ही बीजेपी नेता राम कदम ने ट्विटर पर अपना स्टेट्मेंट जारी किया. लिखा,
सैफ अली खान ने अपनी आने वाली फिल्म 'आदिपुरुष' को लेकर शॉकिंग बयान दिया है. सैफ जो फिल्म में रावण का किरदार निभा रहे हैं, कहते हैं कि मां सीता के अपहरण को जस्टिफाई किया जाएगा. रावण का मानवीय पक्ष दिखाएंगे. श्रीराम के साथ हुई उसकी जंग को भी जस्टिफाई करेंगे.
आपने 'तान्हाजी' बनाई, जिसे दुनियाभर में सम्मान मिला क्यूंकि उसने हिंदू स्वाभिमान और मराठी अस्मिता के साथ न्याय किया. पर अगर आप 'आदिपुरुष' में रावण को पॉज़िटिव लाइट में दिखाकर मां सीता का अपहरण जस्टिफाई करेंगे, तो ये हम नहीं होने देंगे.
बवाल होता देख सैफ ने फौरन अपने शब्द वापस लिए. माफी मांगते हुए कहा,
मुझे पता चला है कि मेरी बात से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है. मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था. मैं सभी से माफी मांगते हुए, अपनी बात वापस लेता हूं. भगवान राम मेरे लिए हमेशा से ही सच्चाई के प्रतीक रहे हैं. 'आदिपुरुष' भी अच्छाई की बुराई पर जीत की कहानी है.बता दें कि ओम राउत के डायरेक्शन में बन रही 'आदिपुरुष' 11 अगस्त, 2022 को रिलीज़ की जाएगी.













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