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दारोगा के बेटे को पिटबुल ने काटा, दूसरा भाई बचाने गया तो उसे भी काट खाया

पिटबुल मालिक के खिलाफ केस दर्ज हुआ है.

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दोनों भाइयों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है (क्रेडिट- dogbreedo.com)

हाल के महीनों में कुत्तों के हमले की घटनाएं बढ़ी हैं. या यूं कहें कि ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग खूब हुई. खासकर बड़े शहरों में. अब एक और खबर आई है. उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पिटबुल ब्रीड के एक कुत्ते ने दो लड़कों पर बुरी तरह हमला कर दिया. हमले के बाद दोनों लड़के को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है. वहीं पीड़ित परिवार ने पिटबुल के मालिक के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया.

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मामला ग्रेटर नोएडा के कासना थाना क्षेत्र का है. आज तक से जुड़े अरुण त्यागी की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित बच्चों के पिता दिल्ली पुलिस में दारोगा हैं. आरोप है कि पिटबुल घर के पास गली में घूम रहा था. इसी दौरान कुत्ते ने पहले छोटे भाई पर हमला किया. फिर उसको बचाने बड़ा भाई पहुंचा तो कुत्ते ने उसे भी काट लिया. दोनों के शरीर पर कई जगह काटने के निशान हैं. केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है.

पिटबुल को पालने के लिहाज से काफी खतरनाक माना जाता है. इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, बेल्जियम, फ्रांस सहित दुनिया के कई देशों में पिटबुल कुत्तों को पालना, उनका व्यवसाय करना और प्रजनन कराना पूरी तरह से बंद है. हालांकि भारत में पिटबुल पर कोई प्रतिबंध नहीं है.

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कुछ दिन पहले अंबाला से पिटबुल के हमले की ऐसी की खबर आई थी. पिटबुल ने 4 साल की बच्ची को बुरी तरह काट लिया था. बच्ची के शरीर पर 15 जगह काटने के निशान थे. तीन अप्रैल को बच्ची के परिवारवालों न पिटबुल मालिक के खिलाफ केस दर्ज करवाया था.

ये भी पढ़ें- पिटबुल बिगड़ा तो मौत पक्की! किन देशों में इस कुत्ते को पालने पर है बैन, भारत में क्या स्थिति है?

ग्रेटर नोएडा की घटना ने लखनऊ पिटबुल मामले की याद दिला दी. पिछले साल जुलाई में लखनऊ में एक पिटबुल कुत्ते ने अपनी ही मालकिन पर बेरहमी से हमला कर दिया था. 80 साल की मालकिन सुशीला त्रिपाठी की इस हमले में मौत हो गई थी. इस घटना ने सबको हैरान कर दिया था और पिटबुल पालने को लेकर बहस छिड़ गई थी. लखनऊ नगर निगम ने महिला की मौत के बाद 14 दिनों तक कुत्ते को अपनी कस्टडी में रखा था. बाद में कुत्ते को उसके मालिक अमित त्रिपाठी (सुशील त्रिपाठी का बेटा) को सौंपा दिया गया था. हालांकि वो खुद अपने पास उसे नहीं रख सकते थे. अमित ने बताया था कि वो कुत्ते को अपने एक करीबी रिश्तेदार के पास रखेंगे.

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इसके बाद कुत्तों के काटने और उनके हमले की खबरें आईं. कई मामले काफी दर्दनाक थे. इस तरह की इतनी घटनाएं रिपोर्ट हुईं कि कई शहरों में प्रशासन को नियम तक बनाने पड़े. नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में पालतू कुत्तों को सोसायटी में घुमाने और खाना खिलाने को लेकर सख्ती बरती गई थी.

वीडियो: घर में कुत्ता पालने से पहले कुछ नियम जानना जरूरी है

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