यूएफओ से जुड़ी तस्वीरों की गहन समीक्षा के बाद किसी भी प्रकार की गलतफहमी को दूर करने के लिए इन्हें जारी किया गया है. इन वीडियो के अधिकृत रिलीज से किसी प्रकार की संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी और यूएफओ के सैन्य वायु क्षेत्र में घुसपैठ की जांच पर असर नहीं होगा.यूएफओ देखे जाने की पहली घटना 2004 में पैसिफिक ओशियन में हुई थी, जिसका वीडियो लीक हो गया था. एक नेवी के पायलट ने 'न्यूयॉर्क टाइम्स' को बताया था कि करीब 40 फुट लंबा ऑब्जेक्ट पहले पानी पर मंडराता रहा, फिर तेजी से निकल गया. यूएफओ के दो और वीडियो 2015 में आए.
अमेरिका ने वो वीडियो जारी कर दिया है, जिसे लेकर आज तक सस्पेंस बना हुआ है
वीडियो अमेरिकी नौसेना ने रिकॉर्ड किया था.
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तस्वीर साभार- ट्विटर.
एलियन या उड़न तश्तरी के बारे में तो आपने सुना ही होगा. कई बार उड़न तश्तरी यानी यूएफओ (अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट) के देखे जाने का भी दावा किया जाता रहा है. हालांकि, इन दावों में कितनी सच्चाई है, ये हम नहीं जानते हैं. लेकिन इन उड़न तश्तरियों को लेकर एक अपडेट है. अमेरिका रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने सोमवार को यूएफओ के तीन वीडियो जारी किए हैं. उनका कहना है कि इसे नेवी के पायलटों ने ही रिकॉर्ड किया था. नेवादा के पूर्व सीनेट डेमोक्रेटिक नेता हैरी रीड ने भी इसे ट्वीट किया है.
पहले ही लीक हो चुका है वीडियो हालांकि जो वीडियो अमेरिकी रक्षा विभाग ने जारी किया है, वो पहले ही लीक हो चुका है. अब ऑफिशियली इनकी सत्यता की पुष्टि की गयी है. इन वीडियों में से एक को 2004 में और बाकी दो को 2015 में अमेरिकी नेवी पायलटों ने रिकॉर्ड किया था. पेंटागन की वेबसाइट के मुताबिक, ये वीडियो लोगों के बीच किसी तरह के भ्रम को दूर करने के लिए जारी किए गए हैं. रक्षा विभाग ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा,
वीडियो देखें: डॉनल्ड ट्रंप ने अल-बगदादी के गिड़गिड़ाने की जो कहानी सुनाई, पेंटागन को पता ही नहीं
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