किसको क्या सजा?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कोर्ट ने जिन 4 दोषियों को मौत की सजा दी है, उनके नाम हैं इम्तियाज अंसारी, हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी, नोमान अंसारी और मुजिबुल्लाह अंसारी. वहीं उम्रकैद पाने वाले 2 दोषियों के नाम उमर सिद्दीकी और अजहरुद्दीन हैं. 10-10 साल की सजा पाने वाले दोषियों के नाम अहमद हुसैन और फिरोज असलम बताए गए हैं. वहीं 7 साल की सजा इफ्तिखार आलम को दी गई है.क्या है पूरा मामला?
27 अक्टूबर 2013. उस दिन बिहार के पटना स्थित गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की रैली थी. वे 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए BJP के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बन चुके थे. कार्यक्रम को ‘हुंकार’ रैली नाम दिया गया था. लेकिन उसमें एक के बाद एक धमाके हो गए. पटना जंक्शन पर भी धमाका हुआ था. इन ब्लास्ट में 6 लोगों की मौत हो गई थी. 90 से ज्यादा घायल हुए थे. NIA ने इस मामले में कुल 11 लोगों को अरेस्ट किया था. जांच के बाद उसने 21 अगस्त 2014 को सभी अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था. इनमें से एक नाबालिग था, जिसकी अलग से सुनवाई की गई थी. बाकी 10 आरोपियों में से दोषी करार दिए गए 9 के नाम हम बता चुके हैं. एक आरोपी जिसे अदालत ने छोड़ दिया, उसका नाम फकरुद्दीन है. दोषियों के खिलाफ देशद्रोह, हत्या, खून आदि अपराधों से संबंधित धाराओं के तहत केस चला. उन्हें UAPA के तहत भी दोषी पाया गया. NIA कोर्ट बीते 8 सालों से इस केस की सुनवाई कर रही थी. इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने साबित किया कि गांधी मैदान में सीरियल ब्लास्ट करने की पूरी साजिश रायपुर (छ्त्तीसगढ़) में रची गई थी. उनके मुताबिक गांधी मैदान सीरियल ब्लास्ट कांड एक अंतरराज्यीय साजिश थी जिसे रायपुर में रचा गया था. आतंकवादियों को बम बनाने की सामग्री झारखंड से मिली थी. एनआईए का पक्ष रखने वाले वकीलों ने सभी दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की थी. कोर्ट ने 4 को मौत की सजा दी है.(ये स्टोरी हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहीं अश्विनी सिंह ने लिखी है.)










