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बहन से छेड़खानी करने वालों को समझाने गया, पीटकर मार डाला गया

दो नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़खानी हुई थी. दोनों चचेरी बहनें हैं.

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बाईं तरफ लाल गोले के अंदर चादर से लिपटी वकील खान की लाश है. अगल-बगल परिवार के लोग हैं (फोटो: नीरज कुमार, इंडिया टुडे)
झारखंड का पलामू जिला. 10वीं की परीक्षा चल रही थी. दो नाबालिग लड़कियां, जो आपस में चचेरी बहनें थीं, पेपर देने जाती थीं. पड़ोस के गांव के कुछ लड़के रोज़ाना उन्हें रास्ते में छेड़ते. फब्तियां कसते. 12 मार्च की सुबह दोनों लड़कियां ट्यूशन से घर लौट रही थीं. रास्ते में फिर वो लड़के मिले. उन्होंने इस बार बस छेड़खानी नहीं की. धमकाया भी. कहा- कुल्हाड़ी से काट देंगे. ये बात लड़कियों के भाई तक पहुंची. दोनों के भाई (आपस में भी कजन्स) ने अपने दो-तीन दोस्तों को साथ लिया और उन लड़कों से बात करने पहुंचे. जवाब में उन बदमाशों ने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर इन्हें पीटा. इल्ज़ाम है कि पीटने वालों में आठ-नौ लोग शामिल थे. इन लोगों ने इतनी पिटाई की इनकी कि एक भाई की जान चली गई. दूसरा जख्मी होकर अस्पताल में भर्ती है.
जिसके सिर पर पट्टी बंधी है, वो दानिश है. वो पुलिस को अपना बयान दे रहा है (फोटो: नीरज कुमार, इंडिया टुडे)
जिसके सिर पर पट्टी बंधी है, वो दानिश है. वो पुलिस को अपना बयान दे रहा है (फोटो: नीरज कुमार, इंडिया टुडे)

कम्युनल टेंशन का भी डर है पलामू में इंडिया टुडे के पत्रकार हैं नीरज कुमार. उन्होंने बताया कि यहां हैदरनगर नाम का थाना है. इसमें पड़ता है कुड़वा गांव. जो भाई गुंडों के हाथों मारा गया, उसका नाम था वकील खान. दूसरा भाई दानिश जख्मी है. आरोपियों में से एक- दीपक राम को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है. बाकी आरोपी फरार हैं. ये सब पड़ोस के खडीहा गांव के रहने वाले हैं. चूंकि इस पूरे मामले में दो अलग-अलग संप्रदायों के लोग शामिल हैं, इसलिए इलाके में कम्युनल टेंशन की आशंका है. इसके मद्देनजर प्रशासन ने इलाके में पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया है.
ये अस्पताल के बाहर की तस्वीर है. दानिश और वकील के गांववाले जमा हैं (फोटो: नीरज कुमार, इंडिया टुडे)
ये अस्पताल के बाहर की तस्वीर है. दानिश और वकील के गांववाले जमा हैं (फोटो: नीरज कुमार, इंडिया टुडे)

'हम तो समझाने गए थे' आरोप है कि 12 मार्च को जब वकील और दानिश इनसे सवाल करने गए, तो इन्होंने लाठी-डंडे से इनकी पिटाई की. पुलिस के मुताबिक, वकील के सीने पर लोहे के डंडे से वार किया गया था. शुरुआती जांच से लगता है कि इसी चोट ने उसकी जान ली. पुलिस ने दानिश का बयान दर्ज़ कर लिया है. उसने बताया-
हम लोग समझाने गए थे. कि तुम लोग लड़कियों को क्यों छेड़ते हो. उन्होंने बांस के डंडे निकाले और हमें पीटा. मारपीट उन लोगों की ही तरफ से शुरू की गई थी. 
कुड़वा गांव के लोग नाराज़ हैं. उनका आरोप है कि छेड़खानी करने वालों के अलावा खडीहा गांव के कुछ और लोगों ने भी वकील और दानिश के साथ मारपीट की. कुछ जगहों पर इस घटना को मॉब लिंचिंग भी बताया जा रहा है. मगर पुलिस ने इससे इनकार किया है.


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