
जिसके सिर पर पट्टी बंधी है, वो दानिश है. वो पुलिस को अपना बयान दे रहा है (फोटो: नीरज कुमार, इंडिया टुडे)
कम्युनल टेंशन का भी डर है पलामू में इंडिया टुडे के पत्रकार हैं नीरज कुमार. उन्होंने बताया कि यहां हैदरनगर नाम का थाना है. इसमें पड़ता है कुड़वा गांव. जो भाई गुंडों के हाथों मारा गया, उसका नाम था वकील खान. दूसरा भाई दानिश जख्मी है. आरोपियों में से एक- दीपक राम को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है. बाकी आरोपी फरार हैं. ये सब पड़ोस के खडीहा गांव के रहने वाले हैं. चूंकि इस पूरे मामले में दो अलग-अलग संप्रदायों के लोग शामिल हैं, इसलिए इलाके में कम्युनल टेंशन की आशंका है. इसके मद्देनजर प्रशासन ने इलाके में पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया है.

ये अस्पताल के बाहर की तस्वीर है. दानिश और वकील के गांववाले जमा हैं (फोटो: नीरज कुमार, इंडिया टुडे)
'हम तो समझाने गए थे' आरोप है कि 12 मार्च को जब वकील और दानिश इनसे सवाल करने गए, तो इन्होंने लाठी-डंडे से इनकी पिटाई की. पुलिस के मुताबिक, वकील के सीने पर लोहे के डंडे से वार किया गया था. शुरुआती जांच से लगता है कि इसी चोट ने उसकी जान ली. पुलिस ने दानिश का बयान दर्ज़ कर लिया है. उसने बताया-
हम लोग समझाने गए थे. कि तुम लोग लड़कियों को क्यों छेड़ते हो. उन्होंने बांस के डंडे निकाले और हमें पीटा. मारपीट उन लोगों की ही तरफ से शुरू की गई थी.कुड़वा गांव के लोग नाराज़ हैं. उनका आरोप है कि छेड़खानी करने वालों के अलावा खडीहा गांव के कुछ और लोगों ने भी वकील और दानिश के साथ मारपीट की. कुछ जगहों पर इस घटना को मॉब लिंचिंग भी बताया जा रहा है. मगर पुलिस ने इससे इनकार किया है.
नरेंद्र मोदी ने गांधी कांग्रेस और दांडी मार्च के बारे में क्या कहा?
























