लेकिन इस पूरे इंडिया और पाकिस्तान के मैच के इर्द गिर्द काफी एक्स्ट्रा कैरिक्युलर एक्टिविटी भी हुई. हुआ ये कि इंडियन टीम पर ही सवाल उठा दिए गए कि आखिर वो पाकिस्तान से इन खराब हालातों में मैच खेल ही क्यूं रहे हैं. उन्हें सैनिकों के बारे में सोचना चाहिए जो सीमा पर खड़े हैं और वो जो शहीद हो गए. कोई न्यूज़ चैनल कह रहा था कि क्यूं नहीं क्रिकेट टीम अपकी कमाई सैनिकों के परिवार को भेज देती है? कोई तो मैच ही बॉयकॉट किये दे रहा था. उस दिन खबरें कुछ ऐसी आ रही थीं, "हम नहीं बताएंगे कि इंडिया ने टॉस जीत लिया है क्यूंकि हम मैच बॉयकॉट कर रहे हैं." वीरेंद्र सहवाग ने भी कहा कि इंडिया को मैच खेलना ही नहीं चाहिए लेकीन जब मैच हुआ तो वो कमेंट्री करने पहुंच गए. पहला मैच जब इंडिया ने जीता तो इंडिया को बाप कहा जाने लगा. अचानक ही भारत माता का लिंग परिवर्तित हो गया. तुरंत भारत बाप बन गया. बच्चा पाकिस्तान था. खैर...
जब ये सब कुछ ख़त्म हुआ तो 2 जुलाई को इंडिया और पाकिस्तान फिर से आमने सामने थे. इस बार विमेन्स वर्ल्ड कप में. लेकिन इस बार कोई हो हल्ला नहीं हुआ. किसी ने आवाज़ नहीं उठाई कि ये मैच नहीं होना चाहिए. मगर हां, जिसे बॉयकॉट करना था, उसने किया. मैच खतम हुआ तो एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई. पाकिस्तान की प्लेयर कायनात इम्तियाज़ ने इन्स्टाग्राम पर एक फ़ोटो शेयर की. उसमें उनके साथ इंडियन पेस बॉलर झूलन गोस्वामी खड़ी थीं. फ़ोटो के साथ कायनात ने एक कहानी सुनाई, "2005 में मैंने पहली बार इंडियन टीम को खेलते देखा था क्यूंकि उस साल एशिया कप पाकिस्तान में हुआ था. उस मैच में मैं बॉल-पिकर (बाउंड्री के पास बॉल उठाने वाले लोग) थी. मैंने वहां झूलन गोस्वामी को देखा था. उस वक़्त की सबसे तेज़ बॉलर. मैं इतनी इम्प्रेस हुई कि मैंने क्रिकेट को अपना करियर बनाने की ठान ली. खासकर फ़ास्ट बॉलिंग को. ये मेरे लिए गर्व की बात है कि 12 साल बाद 2017 में मैं अपनी इन्सपिरेशन के साथ खेल रही हूं और उनसे और प्रेरणा ले रही हूं."

इसके अलावा लड़कों की टोली से भी अच्छी तस्वीरें आई थीं. उन्होंने भी ठीक यही बातें सोचने पर मजबूर किया जो बातें इन तस्वीरों को देखकर मन में आती हैं. नीचे धोनी की तस्वीर है, पाकिस्तानी कप्तान सरफ़राज़ के बेटे के साथ.
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