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सऊदी अरब जाकर भीख मांग रहे पाकिस्तान वाले, मक्का मस्जिद के पास 90 प्रतिशत पॉकेटमार पाकिस्तानी

Saudi Arabia के अलावा और भी कई देशों ने Pakistan को Beggars एक्सपोर्ट न करने की चेतावनी दी थी. जिसके बाद पाकिस्तान ने चार हजार से ज्यादा भिखारियों को Exit Control List में डाल दिया है.

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पाकिस्तान के भिखारियों से सऊदी सरकार परेशान है (फोटो- इंडिया टुडे)

भारत का प्यारा पड़ोसी पाकिस्तान अक्सर अपनी हरकतों से चर्चा में रहता है. कभी ये देश गधों का एक्सपोर्ट कर अपनी अर्थव्यवस्था बचाता है. तो कभी आतंकवाद एक्सपोर्ट कर भारत को परेशान करता है. अब इस कड़ी में एक और नाम जुड़ गया है, पाकिस्तान के भिखारियों का. खाड़ी के देशों खासकर सऊदी अरब में पाकिस्तान के इतने भिखारी हो गए हैं कि उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी जारी की है. कहा कि अगर पाकिस्तान भिखारी भेजना बंद नहीं करेगा, तो एक्शन लिया जाएगा. अब अरब देशों से फटकार लगी तो पाकिस्तान के कान पर जूं नहीं बल्कि सांप रेंग गया. सरकार फौरन एक्शन में आई और देश के 4300 भिखारियों को एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ECL) में डाल दिया. यानी अब लोग हज और उमराह के बहाने देश से बाहर नहीं जा पाएंगे.

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पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर यानी गृहमंत्री मोहसिन रज़ा नक़वी ने 18 दिसंबर को सऊदी अरब के डिप्टी इंटीरियर मिनिस्टर नासिर बिन अब्दुलअज़ीज़ अल दाऊद को जानकारी दी कि पाकिस्तान ने उस माफिया सिंडिकेट के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं जो संगठित तरीके से भिखारियों को सऊदी अरब भेजने के लिए जिम्मेदार है. इंडिया टुडे ने पाकिस्तानी अख़बार डॉन के हवाले से बताया कि पाकिस्तान ने भिखारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही है.

सऊदी की समस्या 

पाकिस्तान के लोगों का सऊदी अरब में भीख मांगना कोई नई बात नहीं है. खासकर सऊदी के मक्का, मदीना और जेद्दाह में ये बहुत ही आम हो चला है. पाकिस्तान में अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी नहीं है. ऐसे में वहां के लोगों ने जीने का एक तरीका ढूंढा है. पाकिस्तान के लोग पश्चिम एशिया के देशों मसलन सऊदी अरब में हज यात्रा के बहाने दाखिल होते हैं. चूंकि इस्लाम में मक्का और मदीना सबसे पवित्र स्थल माने जाते हैं, इसलिए उन्हें देश में एंट्री लेने में कोई खास दिक्कत नहीं आती. हज और उमराह के बहाने सऊदी में घुसने के बाद वो भीख मांगने के काम में लग जाते हैं.

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एक रिपोर्ट के मुताबिक मक्का की मस्जिद से गिरफ्तार हुए 90 प्रतिशत पॉकेटमार पाकिस्तानी हैं. और ये बयान पाकिस्तान के ओवरसीज़ सेक्रेटरी ज़ीशान खानजादा ने 2023 में दिया था. सऊदी अरब के कानून के मुताबिक वहां भीख मांगना अपराध की श्रेणी में आता है. भीख मांगने, उसे समर्थन देने या मदद करने के लिए सऊदी में लिए 6 महीने की सजा या 50 हज़ार रियाल के जुर्माने का प्रावधान है. लिहाज़ा आलम ये है कि सऊदी की जेलों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी भिखारी बंद हैं.

सऊदी अरब ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने भिखारियों को कंट्रोल नहीं किया तो पाकिस्तान से हज और उमराह पर जाने वाले यात्रियों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है. लिहाज़ा पाकिस्तान ने एक्शन लेते हुए 'भीख माफिया' और भिखारियों पर नकेल कसनी शुरु कर दी है.

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