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पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का निधन

लंबे समय से बीमार मुशर्रफ दुबई के अस्पताल में भर्ती थे.

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पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ (फाइल फोटो: आजतक)

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ (Pervez Musharraf) का रविवार, 5 फरवरी को निधन हो गया. वे 79 साल के थे. पाकिस्तानी सेना प्रमुख रह चुके मुशर्रफ लंबे समय से बीमार थे और दुबई के अस्पताल में भर्ती थे. पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक वे एमाइलॉयडोसिस (Amyloidosis) नाम की बीमारी से जूझ रहे थे. 

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पाकिस्तानी न्यूज पेपर डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक परवेज मुशर्रफ पिछले साल जून में तीन हफ्ते के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे. उस समय मुशर्रफ के परिवार ने उनके आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर जानकारी दी थी,

एक कठिन अवस्था से गुज़र रहे हैं, जिसमें रिकवरी संभव नहीं है और अंग खराब हो रहे हैं. उनके लिए प्रार्थना करें.

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परवेज मुशर्रफ की बीमारी की बात साल 2018 में सामने आई थी, जब ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (APML) ने घोषणा की थी कि वह दुर्लभ बीमारी एमाइलॉयडोसिस से जूझ रहे हैं. एमाइलॉयडोसिस बीमारी में पूरे शरीर में एमाइलॉयड नाम का असामान्य प्रोटीन बढ़ने लगता है. विशेषज्ञों के मुताबिक इस प्रोटीन की अधिक मात्रा इंसान के शरीर के लिए हानिकारक होती है. इससे शरीर के अंग काम करना बंद कर सकते हैं.

दिल्ली में हुआ था मुशर्रफ का जन्म

परवेज मुशर्रफ का जन्म 11 अगस्त, 1943 में दिल्ली में हुआ था. वे 4 साल के थे, जब उनका परिवार पाकिस्तान शिफ्ट हो गया था. मुशर्रफ के पिता सैयद मुशर्रफुद्दीन पाकिस्तान सरकार के विदेश मंत्रालय में काम करते थे और मां टीचर थीं. 

पाकिस्तानी सेना में मुशर्रफ की एंट्री साल 1961 में 18 साल की उम्र में हुई थी, पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी में. 1964 में 21 साल की उम्र में पाकिस्तानी सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में नियुक्त हुए थे. 1965 के भारत-पाकिस्तान जंग में उनकी रैंक सेकेंड लेफ्टिनेंट की थी. जंग में बहादुरी दिखाने के लिए उन्हें मेडल भी मिला था. 1971 के युद्ध में वो कमांडो बटैलियन में कंपनी कमांडर थे. 

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1998 में बने थे सेना प्रमुख

अक्टूबर 1998 में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मुशर्रफ को सेना प्रमुख बनाया था. 1999 में मुशर्रफ ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ़ को पद से हटा कर सत्ता हथिया ली. मई 2000 में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि पाकिस्तान में चुनाव कराए जाएं. मुशर्रफ ने जून 2001 में तत्कालीन राष्ट्रपति रफीक तरार को हटा दिया और खुद राष्ट्रपति बन गए. 

अप्रैल 2002 में उन्होंने राष्ट्रपति बने रहने के लिए जनमत-संग्रह कराया जिसका अधिकतर राजनैतिक दलों ने बहिष्कार किया था. अक्टूबर 2002 में पाकिस्तान में चुनाव हुए जिसमें मुशर्रफ का समर्थन करने वाली मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमाल पार्टी को बहुमत मिला. इनकी सहायता से मुशर्रफ़ ने पाकिस्तान के संविधान में कई बदलाव कराए जिनसे 1999 के तख्ता-पलट और मुशर्रफ के अन्य कई आदेशों को वैधानिक सम्मति मिल गई.

अक्टूबर 2007 में मुशर्रफ फिर से राष्ट्रपति चुने गए थे. हालांकि, उन्होंने अगस्त 2008 में राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने की घोषणा की और नवंबर में वो पाकिस्तान छोड़ लंदन चले गए थे. परवेज मुशर्रफ साल 2013 के आम चुनाव के लिए फिर से पाकिस्तान लौटे थे लेकिन उन्हें चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था.
 

(खबर अपडेट हो रही है…)

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