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स्कूल बस पर हमले में 'मुस्लिमों' के पकड़े जाने का सच जान लो

गुरुग्राम पुलिस ने दूध का दूध, पानी का पानी कर दिया है.

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पद्मावती के विरोध में गुरुग्राम में बच्चों की स्कूल बस को निशाना बनाया गया.
पता नहीं लोग कितना नीचे गिरेंगे. एक फिल्म के विरोध में अंधे होकर पहले स्कूल बस पर हमला करते हैं. फिर फैलाया जाता है कि हमला हुआ ही नहीं था. बच्चों का रोते हुए आया वीडियो ही फेक बता दिया गया. फिर जब पुलिस ने इसमें 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया तो फेक वाला दांव तो फेल हो गया. पुलिस कमिश्नर ने भी मान लिया कि हां बस पर हमला हुआ था. तो अब चाहिए था कुछ नया. फिर सोशल मीडिया पर ये गैंग एक्टिव हो गया. और अब फैलाया कि ये जो लोग गिरफ्तार हुए हैं, वो मुस्लिम युवक हैं. मामले को सांप्रदायिक एंगल ही दे डाला. देखें ये ट्वीट्स- जो नाम फैलाए जा रहे हैं माने सद्दाम, आमिर, फिरोज, नदीम और अशरफ. गिरफ्तार लोगों में इस नाम का कोई नहीं है. ये बात खुद गुरुग्राम के कमिश्नर ऑफ पुलिस संदीप खीरवार कह रहे हैं. सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही इस बात को कमिश्नर ने एकदम गलत बताया है. कुछ लोगों को खाली इस दावे पर भरोसा नहीं होगा. तो उनके लिए हाजिर है गुरुग्राम पुलिस के ट्विटर हैंडल की ओर से किया गया ट्वीट, देखें- तो ये बात तो साफ हो गई कि इस मामले को जो सांप्रदायिक ऐंगल दिया जा रहा है, वो फर्जी है. पुलिस ने खुद ये बात साफ कर दी है. अब सवाल ये उठता है कि ये नौबत कहां से आई. दरअसल विरोध-प्रदर्शन तो काफी दिनों से चल रहा था. ज्यादातर लोग इसे तवज्जो नहीं दे रहे थे. वही पड़ोसी के झगड़े की तरह कि हमें क्या. मगर गुरुग्राम के जीडी गोयनका स्कूल बस पर 24 जनवरी को हमले के बाद सभी का गुस्सा भड़क गया. लोगों को अहसास हुआ कि ये बच्चे हमारे भी हो सकते थे. सोशल मीडिया पर करणी सेना को बुरी तरह से लताड़ा जाने लगा. इतना विरोध हुआ कि इन करणी सेना जैसे संगठनों के नेताओं को सफाई देनी पड़ी. मगर लोग इनको नंगा करने की ठान चुके थे. मामले को हाथ से निकलता देख ही इसे फिर सांप्रदायिक एंगल दिया जाने लगा. गिरफ्तार लोगों को मुस्लिम बताया जाने लगा. जबकि मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो गिरफ्तार सभी लोग राजपूत बहुल्य भोंडसी गांव के हैं. वीडियो देखें- खैर अब आप इस मामले की सच्चाई जान ही गए हैं. तो अगर अब कोई मैसेज आए या कहीं दिखे कि मुस्लिमों ने हमला किया था तो ध्यान देना. वहां इसकी हकीकत बता देना और शेयर करने वाले को झाड़ देना. खैर. गजब हाल है अपने देश में. पहले से ही कम झगड़े हैं जो ऐसे पोस्ट डालकर उसे और बढ़ाया जा रहा है. लोग बिना जांचें परखे कुछ भी शेयर कर रहे हैं. मगर इस मामले में यह अक्षम्य है. जो लोग ये मुस्लिम वाला एंगल फैला रहे हैं. हिंदू-मुस्लिम झगड़े की नीव रख रहे हैं. अगर वाकेयी कोई पुलिस में साइबर सेल नाम की चीज होती है तो ऐसे लोगों के नाम चिह्नित करके उन पर कार्रवाई होनी चाहिए.
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