
करणी सेना को 'पद्मावती' के रिलीज होने से परेशानी थी. उनकी थिअरी कह रही थी कि ये फिल्म राजपूती सम्मान को मुंह चिढ़ा रही है.
बच्चों पर हमला करना तो खूब बहादुरी हुई न! देवेंद्र पूरे गुरुग्राम में करणी सेना का सबसे बड़ा सेनापति है. जब स्कूल बस पर हमला होने के बाद करणी सेना की थू-थू होने लगी, तो इस गुंडा संगठन के सरगना लोकेंद्र सिंह कालवी आगे आए. उन्होंने इस हमले से अपने संगठन का नाम छुड़ाना चाहा. कहा, ये नहीं किया हमने. हम नहीं कर सकते ऐसा कुछ. इतना झूठ तो बोला ही, फिर एक कदम आगे आकर ये भी कह दिया कि हमले के पीछे संजय लीला भंसाली और उनकी टीम का हाथ है. बड़े सारे 'राजपूत' सोशल मीडिया पर करणी सेना का बचाव कर रहे थे. तब जो लोग ये 'राजपूत-राजपूत' खेल रहे थे, अब चाहें तो मारे गर्व के अपनी मूंछों पर ताव दे सकते हैं. बच्चों पर हमला करना बड़ी बहादुरी का काम होता होगा न. अब तो पुलिस का सर्टिफिकेट भी मिल गया है.

विश्व हिन्दू परिषद के लोग भी रानी पद्मावती की इज्जत बचाने में पीछे नहीं रहे
पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया हरियाणा पुलिस ने देवेंद्र को अरेस्ट कर लिया है. पांच दिन के लिए रिमांड पर भी भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि जिन लोगों ने जी डी गोयनका स्कूल की बस पर पत्थरबाजी की, उनमें ये देवेंद्र भी शामिल था. पद्मावत फिल्म का विरोध करने के लिए इस करणी सेना के 'शूरवीरों' ने जमकर गुंडागर्दी की. शुरू में तो लगा कि कोई भी सरकार इनसे नहीं भिड़ना चाहती. ये जो चाह रहे थे, कर रहे थे. फिर जब स्कूल बस पर हमला हुआ, तो सरकार के पास किनारे खड़े रहने का विकल्प नहीं रहा. हालांकि इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की भी कोशिश हुई. सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ी कि मुसलमानों ने स्कूली बच्चों पर हमला किया. मगर गुरुग्राम पुलिस ने इस बात से इनकार किया है.
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