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पद्मावत: बच्चों की बस पर हमले में जो पकड़ा गया, उस पर करणी सेना को धंस जाना चाहिए

5 दिन की पुलिस रिमांड पर भी भेज दिया गया है.

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जी डी गोयनका स्कूल की बस पर जब हमला किया, उस समय बस के अंदर बच्चे भी थे. पुलिस ने करणी सेना के जिलाध्यक्ष को अरेस्ट करके पांच दिनों की रिमांड पर भेज दिया है.
जिस किसी को करणी सेना से बड़ी मुहब्बत हो, वो अब चाहें तो खुद को सजा दे सकते हैं. कुछ न हो, तो जीभ पर हरी मिर्च रगड़ लें. कारण कि 'राजपूती मर्यादा' के नाम पर गुंडों की इस फौज का समर्थन करने वालों को लानत ही मिलनी चाहिए. गुरुग्राम पुलिस ने इस लानत का सर्टिफिकेट भी दे दिया है. वहां एक स्कूल बस में बैठे बच्चों पर हमला हुआ था. याद है? इस बेहूदगी को अंजाम देने के आरोप में पुलिस ने जिस शख्स को गिरफ्तार किया है, वो कई 'राजपूतों' का 'सम्मान' है. देवेंद्र सिंह. करणी सेना का जिलाध्यक्ष.
करणी सेना को 'पद्मावती' के रिलीज होने से परेशानी थी. उनकी थिअरी कह रही थी कि ये फिल्म राजपूती सम्मान को मुंह चिढ़ा रही है.
करणी सेना को 'पद्मावती' के रिलीज होने से परेशानी थी. उनकी थिअरी कह रही थी कि ये फिल्म राजपूती सम्मान को मुंह चिढ़ा रही है.

बच्चों पर हमला करना तो खूब बहादुरी हुई न! देवेंद्र पूरे गुरुग्राम में करणी सेना का सबसे बड़ा सेनापति है. जब स्कूल बस पर हमला होने के बाद करणी सेना की थू-थू होने लगी, तो इस गुंडा संगठन के सरगना लोकेंद्र सिंह कालवी आगे आए. उन्होंने इस हमले से अपने संगठन का नाम छुड़ाना चाहा. कहा, ये नहीं किया हमने. हम नहीं कर सकते ऐसा कुछ. इतना झूठ तो बोला ही, फिर एक कदम आगे आकर ये भी कह दिया कि हमले के पीछे संजय लीला भंसाली और उनकी टीम का हाथ है. बड़े सारे 'राजपूत' सोशल मीडिया पर करणी सेना का बचाव कर रहे थे. तब जो लोग ये 'राजपूत-राजपूत' खेल रहे थे, अब चाहें तो मारे गर्व के अपनी मूंछों पर ताव दे सकते हैं. बच्चों पर हमला करना बड़ी बहादुरी का काम होता होगा न. अब तो पुलिस का सर्टिफिकेट भी मिल गया है.
विश्व हिन्दू परिषद के लोग भी रानी पद्मावती की इज्जत बचाने में पीछे नहीं रहे
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पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया हरियाणा पुलिस ने देवेंद्र को अरेस्ट कर लिया है. पांच दिन के लिए रिमांड पर भी भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि जिन लोगों ने जी डी गोयनका स्कूल की बस पर पत्थरबाजी की, उनमें ये देवेंद्र भी शामिल था. पद्मावत फिल्म का विरोध करने के लिए इस करणी सेना के 'शूरवीरों' ने जमकर गुंडागर्दी की. शुरू में तो लगा कि कोई भी सरकार इनसे नहीं भिड़ना चाहती. ये जो चाह रहे थे, कर रहे थे. फिर जब स्कूल बस पर हमला हुआ, तो सरकार के पास किनारे खड़े रहने का विकल्प नहीं रहा. हालांकि इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की भी कोशिश हुई. सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ी कि मुसलमानों ने स्कूली बच्चों पर हमला किया. मगर गुरुग्राम पुलिस ने इस बात से इनकार किया है.


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