ये तो आपको पता ही होगा कि यशवंत सिन्हा को विपक्ष ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. लेकिन यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा तो बीजेपी में हैं. अब लोग इसे लेकर तमाम तरह की बात करने लगें, उससे पहले ही जयंत ने एक संदेश दिया है. जयंत सिन्हा ने अपने पिता यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर एक वीडियो जारी किया है. इसमें उन्होंने अपील की है कि लोग इसे पारिवारिक मामला न बनाएं और वे बीजेपी के एक कार्यकर्ता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे.
पिता के राष्ट्रपति प्रत्याशी बनने पर जयंत सिन्हा बोले- 'बीजेपी का हूं, बेटे के रूप में न देखें'
जयंत सिन्हा ने कहा कि वो बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगे.


मंगलवार 21 जून के अपने ट्वीट में जयंत ने कहा,
‘अभी समाचार आया है कि विपक्ष की ओर से भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मेरे पिता यशवंत सिन्हा को प्रत्याशी घोषित किया गया है. मुझे बहुत लोगों के फोन आ रहे हैं और मीडिया के भी बड़े प्रश्न आ रहे हैं. मैं आप सभी से यही निवेदन करुंगा कि इस समय आप मुझे एक पुत्र के रूप में न देखें. इसे एक पारिवारिक मामला न बनाएं.'
उन्होंने आगे कहा,
'मैं भारतीय जनता पार्टी का एक कार्यकर्ता हूं. हजारीबाग (झारखंड) से बीजेपी का सांसद हूं. मैं अपने संवैधानिक दायित्व को पूरी तरह से समझता हूं और पूरी तरह से इसे मैं निभाऊंगा.'
यशवंत सिन्हा ने साल 2018 में बीजेपी छोड़ दी थी. इससे पहले वे पार्टी के कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में उन्होंने वित्त और विदेश जैसे बड़े मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था. लेकिन 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यशवंत सिन्हा किनारे कर दिए गए. उनका आरोप रहा कि मौजूदा दौर में बीजेपी पूरी तरह बदल गई है और उसमें वाजपेयी के समय वाले सिद्धांत बचे नहीं हैं.
हालांकि यशवंत के बेटे जयंत सिन्हा भारतीय जनता पार्टी में बने हुए हैं. साल 2014 में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर हजारीबाग से लोकसभा चुनाव जीता था, जिसके बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया था. वहीं साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भी जयंत सिन्हा इसी सीट से सांसद चुने गए, लेकिन इस बार उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया.
बता दें कि सत्ताधारी दल बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए ने झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किया है. इसके लिए 18 जुलाई को चुनाव होंगे, जिसमें सांसद और विधायक वोट डालेंगे.


















