केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी. इनका दिल्ली में घर है मोतीलाल नेहरू मार्ग पर. इस घर में ही इनका सरकारी दफ्तर है. दफ्तर के लैंडलाइन नंबर पर सोमवार देर रात एक फोन आया. फोन करने वाला बहुत गुस्से में लग रहा था. बोला मंत्री जी से बात कराओ. जब अधिकारी ने नाम पूछा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया. बस एक ही रट लगाए रहा कि मंत्री जी से बात करवाओ.
'मंत्रीजी को फोन दो, धमकी... ', गडकरी को फोन मिलाकर जो कहा, सिर घुमा देगा
गडकरी को धमकी वाला ये तीसरा फोन था


दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया,
"कॉल करने वाले ने हिंदी में बात की और कहा- 'मुझे मंत्री जी से बात करनी है, मेरी उनसे बात कराइए. उन्हें धमकी देनी है.' वो यही कहता रहा और फिर उसने कॉल काट दी."
नितिन गडकरी के ऑफिस ने इसके तुरंत बाद मामले की सूचना दिल्ली पुलिस को दी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी.
अधिकारी ने आगे कहा,
'सभी कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है. आरोपी ने लैंडलाइन नंबर पर कॉल किया था, इसलिए हम अपराधी तक पहुंचने के लिए नंबर का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. जांच चल रही है.'
इससे पहले भी नितिन गडकरी को दो बार धमकी वाले फोन आए थे. 14 जनवरी, 2023 को नागपुर में गडकरी के जनसंपर्क कार्यालय में एक धमकी भरा फोन आया था. ये फोन कथित तौर पर कर्नाटक की बेलगावी जेल में बंद जयेश पुजारी उर्फ कांथा ने किया था. उसने 100 करोड़ रुपये की मांग की थी और दाऊद इब्राहिम गिरोह का सदस्य होने का दावा किया था.
पुलिस के मुताबिक इसके बाद जयेश ने गडकरी के ऑफिस में 21 मार्च को एक और फोन किया. इस बार उसने नितिन गडकरी से 10 करोड़ रुपये की मांग की और न देने पर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी. इसके बाद जयेश को बेलगावी की एक जेल से गिरफ्तार किया गया. और आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया.
9 मई, 2023 को एक पुलिस अधिकारी ने आजतक को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है. NIA को जांच इसलिए सौंपी गई क्योंकि जयेश पुजारी के लश्कर-ए-तैयबा के साउथ डिवीजन के मुखिया नसीर सहित कई आतंकियों से संबंध थे.
इस मामले की जांच NIA ने शुरू ही की है कि अब नितिन गडकरी के दिल्ली स्थित दफ्तर पर धमकी वाला तीसरा फोन आ गया.
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