राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 18 दिसंबर को देश में 19 ठिकानों पर छापा मारा, 8 लोगों को गिरफ्तार किया. एजेंसी का दावा है कि ये लोग आतंकवादी संगठन ISIS से जुड़े थे. NIA का कहना है कि ISIS का एक बड़ा मॉड्यूल पनप रहा था, जिसका इस बड़े एक्शन से भंडाफोड़ किया गया है. इस पूरे ऑपरेशन में NIA को स्थानीय पुलिस का भी साथ मिला. NIA ने बेल्लारी में ISIS मॉड्यूल के ख़िलाफ़ 14 दिसंबर को केस दर्ज किया था. इसी के बाद ये कार्रवाई की गई है.
बड़े ISIS मॉड्यूल के भंडाफोड़ का दावा, कई राज्यों में NIA की कार्रवाई, किस-किस को किया अरेस्ट?
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने 18 दिसंबर को कई स्थानों पर छापे मारे (NIA Raid). एजेंसी का कहना है कि इस एक्शन से बड़े लेवल पर पनप रहे ISIS मॉड्यूल का भी भंडाफोड़ किया गया है.

NIA ने इन जगहों पर छापा मारा- कर्नाटक में बेंगलुरु और बेल्लारी, महाराष्ट्र में मुंबई, पुणे और अमरावती, झारखंड में जमशेदपुर और बोकारो. इसके अलावा दिल्ली में छापे मारे गए. इन शहरों में कुल 19 ठिकानों पर रेड मारी गई. NIA का कहना है कि ये लोग बेल्लारी में एक बड़ा ISIS मॉड्यूल खड़ा कर रहे थे और देश में अलग-अलग स्थानों पर आतंकवादी हमले प्लान कर रहे थे.
IED हमलों की भी योजना बन रही थी. NIA ने बयान जारी कर बताया-
क्या-क्या बरामद हुआ?"हमने मुंबई से अनस इकबाल शेख को, बेल्लारी से मिनाज उर्फ मोहम्मद सुलेमान और सैयद समीर को, बेंगलुरु से मुनीरुद्दीन, समीउल्लाह और मुजम्मिल को, जमशेदपुर से जुल्फिकार को और दिल्ली से शयन रहमान को गिरफ्तार किया है. ये लोग ISIS से जुड़े थे और देश में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे. मिनाज के नेतृत्व में ये लोग काम कर रहे थे."
NIA को इन छापेमारियों में सल्फर, पोटैशियम नाइट्रेट, चारकोल, गन पाउडर, एथेनॉल जैसे केमिकल्स मिले. साथ ही कई धारदार हथियार भी मिले. कई स्मार्टफोन और डिजिटल डिवाइस मिलीं. NIA का कहना है कि ये लोग एनक्रिप्टेड ऐप्स के ज़रिये आपस में बात करते थे. एजेंसी का आरोप है कि इन लोगों की योजना थी कॉलेज स्टूडेंट्स से संपर्क करना, उनको अपने संगठन में शामिल कराना और फिर उनको मुजाहिद्दीन के तौर पर तैयार करना.
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