जब लड़की की आंख खुली, वो एक सुनसान फ्लैट में थी. उसके मुताबिक़ खुद को कोच बताने वाले आदमी ने उसका बार-बार रेप किया. फिर अगले दिन सड़क पर फेंक दिया. और धमकी दी कि इस बारे में किसी को भी बताया तो उसके लिए अच्छा नहीं होगा.मगर लड़की ने बिना डरे शिकायत की और आदमी पकड़ा गया. इस फर्जी कोच की उम्र 30 साल है. लड़की का इलाज चल रहा है. जिससे वो शारीरिक रूप से ठीक हो जाएगी. मगर जब अगली बार कबड्डी के मैदान में उतरेगी तो जिस मानसिक यातना का सामना करना पड़ेगा, उसकी भरपाई कोई नहीं कर पाएगा.
जिस खेल में कोच ही खिलाड़ी का रेप कर दे, वो खेल औरतें कैसे खेलेंगी?
हम बात कर रहे हैं एक बड़े खेल की नेशनल लेवल प्लेयर की.
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कबड्डी वर्ल्ड कप 2013 से एक तस्वीर. सोर्स: स्पोर्ट्सकीड़ा
कुछ दिनों में प्रो कबड्डी लीग शुरू होने वाली है. 12 पुरुष टीमें, कुल 227 खिलाड़ी. टीमें खरीदने में 50 करोड़ रुपये लगाए गए हैं. आईपीएल की तर्ज पर बने इस टूर्नामेंट को कबड्डी के प्रमोशन के लिए शुरू किया गया था. कि वो खेल जो हममें से कई लोग खेलकर बड़े हुए हैं, वो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय हो जाए. मगर जब बात औरतों की आती है, वो कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं. बात एक लड़की की, जो अभी नाबालिग ही है. महिला कबड्डी टीम की नेशनल लेवल की खिलाड़ी है. लगभग 10 दिनों पहले दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में गई. जहां उसकी मुलाकात हुई इस आदमी से जो खुद को कोच बता रहा था. लड़की ने कोच पर विश्वास कर लिया. कोच ने खलाड़ी से स्टेडियम दिखाने के बहाने अपनी गाड़ी में बैठने को कहा. लड़की बैठ गई. एक खिलाड़ी एक कोच पर विश्वास करे, ये स्वाभाविक है. मगर शायद हमने अपने इर्द-गिर्द ऐसी दुनिया बन रखी है कि हमसे विश्वास से ज्यादा शक और शंका अपेक्षित है. खासकर लड़कियों से. और एक लड़की को पुरुष को लेकर जो सबसे बड़ी शंका हो सकती है, वो इस कबड्डी खिलाड़ी के बारे में सच हो गई.
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