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बंगाल चुनाव के एक दिन बाद I-PAC डायरेक्टर को मिली जमानत, ED ने याचिका का विरोध नहीं किया

West Bengal Election 2026 खत्म होने के एक दिन बाद Delhi की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें यह राहत दी. I-PAC तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी एक पॉलिटिकल स्ट्रेटेजी कंसल्टेंसी है.

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I-PAC के को-फाउंडर और डायरेक्टर विनेश चंदेल. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने I-PAC के को-फाउंडर और डायरेक्टर विनेश चंदेल को जमानत दे दी है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म होने के एक दिन बाद कोर्ट ने उन्हें यह राहत दी. I-PAC तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी एक पॉलिटिकल स्ट्रेटेजी कंसल्टेंसी है.

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ED ने I-PAC के को-फाउंडर की बेल का विरोध क्यों नहीं किया?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, विनेश चंदेल ने मानवीय आधार पर अंतरिम राहत मांगी थी. इसके लिए उन्होंने अपनी मां की बिगड़ती सेहत का हवाला दिया था, जो डिमेंशिया से पीड़ित हैं. ईडी ने चंदेल की जमानत याचिका का विरोध नहीं किया. कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली है. ईडी ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान चंदेल ने सहयोग किया, इसलिए एजेंसी ने उनकी याचिका का विरोध नहीं किया. हालांकि, ईडी ने कुछ शर्तें भी रखीं.

इन्हीं शर्तों के आधार पर अदालत ने चंदेल को निर्देश दिया है कि वे सबूतों से छेड़छाड़ न करें और न ही गवाहों को प्रभावित करें. बेंच ने आगे आदेश दिया कि उन्हें जांच में सहयोग करना होगा. साथ ही अधिकारियों को मांगी गई सभी जानकारी देनी होगी और पूरी जांच के दौरान उनसे संपर्क में रहना होगा. 

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 I-PAC पर क्या आरोप लगे हैं?

ईडी के मुताबिक, I-PAC मनी लॉन्ड्रिंग के एक केस में शामिल थी, जिसकी जांच में फाइनेंशियल गड़बड़ियों के कई मामले सामने आए. चंदेल को राज्य विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था. बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. अदालत ने ED को हिरासत में उनसे पूछताछ करने की इजाजत दी थी. 

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उनकी गिरफ्तारी से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया था कि यह गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित थी. इसका मकसद विपक्षी पार्टियों के साथ काम करने वाले कंसल्टेंट्स को डराना था. हालांकि, अधिकारियों ने किसी भी राजनीतिक पहलू से इनकार किया है और कहा है कि कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन किया गया है.

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