मंगलवार. जम्मू-कश्मीर में दो जगह आतंकियों का हमला. आर्मी के 2 अफसर और 5 जवानों की शहादत. अफसोस...! आर्मी ने मोर्चा संभाला और दोनों जगह पांच आतंकियों को जहन्नुम रवाना कर दिया. आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करने में दो अफसरों की बीवियों ने भी बहादुरी दिखाई. नहीं तो आतंकी बड़ा हमला कर सकते थे. पहले नगरोटा में आर्मी की एक टुकड़ी पर फिदायीन हमला हुआ. नगरोटा जम्मू से 20 किलोमीटर दूर है और हाइवे पर बसा है. यहां पर 16 कॉर्प्स का हैडक्वार्टर भी है. आतंकियों ने पहले ग्रेनेड फेंका और फिर यूनिट के अंदर घुसने की कोशिश की. हमले में 2 अफसर व तीन जवान शहीद हो गए, जबकि दो जख्मी. आतंकियों ने सुबह साढ़े पांच बजे के करीब हमला किया था. इसके बाद आर्मी ने आतंकियों को घेर लिया. सभी स्कूलों को बंद करा दिया गया. आर्मी ने तीनों आतंकी मार गिराए.

दूसरा हमला सांबा के चामलियाल में बीएसएफ की बॉर्डर आउट पोस्ट पर हुआ. आतंकियों ने गोलीबारी की. बीएसएफ ने फ़ौरन इलाके को खाली करा लिया. आतंकी एक ट्यूबवैल पंप हाउस में छिप गए. BSF ने यहां छिपे दोनों आतंकियों को मार गिराया. यहां हुई गोलीबारी में BSF का एक जवान भी जख्मी हुआ है.
दो अफसरों की बीवियों ने दिखाई बहादुरी
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक पुलिस की यूनिफॉर्म पहने भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने जब आर्मी यूनिट पर हमला किया, तो उनका मकसद फैमिली क्वॉर्टर्स में घुसना था, ताकि वे वहां रह रही जवानों की फैमिली को बंधक बना सकें. अपने बच्चों के साथ फैमिली क्वार्टर में रह रहीं दो महिलाओं की बहादुरी ने आतंकियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया. एक आर्मी अफसर ने बताया, 'दो आर्मी अफसरों की बीवियों ने हिम्मत दिखाते हुए घर के कुछ सामानों की मदद से अपने क्वार्टर की एंट्री को ब्लॉक कर दिया, इससे आतंकवादियों के लिए घर में दाखिल होना मुश्किल हो गया.'
अफसर ने कहा, 'अगर इन महिलाओं ने मुस्तैदी न दिखाई होती, तो आतंकवादी उन्हें बंधक बनाने में सफल हो जाते और सेना को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते थे.'
सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष मेहता ने कहा कि आतंकवादी दो बिल्डिंग्स में घुसे थे, जिसमें जवानों की फैमिली रहती है. इससे 'बंधक सकंट' जैसे हालात बन गए. इसके बाद आर्मी ने फौरन कार्रवाई करते हुए वहां से 12 जवानों, दो महिलाओं और दो बच्चों को बाहर निकाल लिया. सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है.
आतंकी कोई बड़ा हमला कर सकते थे
बताया जा रहा है कि तीनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के थे. अंदाजा लगाया जा रहा है कि आतंकी जम्मू के सांबा में चलती ट्रेन में ब्लास्ट या पठानकोट जैसे हमले को अंजाम देना चाहते थे. इसके बाद उनका इरादा ट्रेन या आर्मी कैंप पर इस तरह के केमिकल फेंकने का था, जिससे वो जल जाएं. आतंकियों के पास से बड़े हथियार और गोलाबारूद बरामद हुए हैं. आतंकियों के पास से सुसाइड बेल्ट और गोला बारूद से भरे हुए सुसाइड बैग मिले हैं. आतंकियों के पास से कम्यूनिकेशन के बेहतर उपकरण भी मिले हैं, जिसके जरिए वो पाकिस्तान में अपने हैंडलरों से कांटेक्ट में थे.
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