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पड़ताल: क्या आप जानते हैं कि सड़क पर दूध गिरा रहा ये आदमी कौन है?

PM नरेंद्र मोदी, अमित शाह, स्मृति ईरानी और अमित मालवीय जिसे फॉलो करते हैं, उसने इस आदमी के बारे में झूठ फैलाया है.

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सोशल मीडिया पर नागपुर का यह फोटो वायरल हो रहा है.
देश में कई जगह किसान आंदोलन कर रहे हैं. बहुत सी जगहों से सड़कों पर दूध और सब्जियों को फेंकने की तस्वीरें आ रहीं हैं. 4 जून, 2018 को सोशल मीडिया पर नागपुर की एक फोटो वायरल हुई. फोटो में सफेद कुर्ता-पायजामा पहने एक आदमी सड़क पर दूध फैला रहा है. दूसरे फोटो में वही आदमी एक पुलिसवाले को अंगुली दिखाकर कुछ बोलता दिखाई दे रहा है.
न्यूज एजेंसी एएनआई ने लिखा कि कृषि मंत्री राधामोहन सिंह की किसानों की हड़ताल पर टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर दूध फैलाया और जरूरतमंदों के मांगने पर उनमें दूध बांट दिया.
नागपुर में सड़क पर दूध फैलाते हुए प्रशांत पवार.
नागपुर में सड़क पर दूध फैलाते हुए प्रशांत पवार.

ऋषि बागरी नाम के ट्विटर हैंडल ने ये फोटो ट्वीट की. जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.
ऋषि बागरी नाम के हैंडल ने उन्हें नागपुर कांग्रेस का नेता बताया.
ऋषि बागरी नाम के हैंडल ने उन्हें नागपुर कांग्रेस का नेता बताया.

इस फोटो के साथ में उसने लिखा,
"इस नागपुर कांग्रेस के नेता ने गरीब किसानों से दूध छीन लिया और सड़क पर फैला दिया. जब पुलिसवालों ने उसे रोकने की कोशिश की तो उन्हें गालियां दी और धमकाया."
ऋषि बागरी को ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी और बीजेपी आईटी सेल हेड अमित मालवीय फॉलो करते हैं. उसने ट्विटर पर पीएम मोदी के साथ अपनी कई फोटो भी डाली हुई हैं.
हमने नागपुर के दूध फैलाने वाली फोटो की सच्चाई पता की. इस फोटो में दूध फैलाते दिख रहे व्यक्ति प्रशांत प्रभाकर पवार हैं. हमने प्रभाकर को कॉल किया. उन्होंने हमें जो बताया वो ऋषि बागरी के ट्वीट से एकदम अलग है.
प्रशांत पवार ने बताया कि वो फिलहाल किसी पार्टी से नहीं जुड़े हैं. उन्होंने किसानों के लिए काम करने वाला एक संगठन "जय जवान जय किसान" बनाया हुआ है. 2014 में नागपुर वेस्ट से राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं. 2016 में एमएनएस छोड़ चुके हैं.
महाराष्ट्र के 2014 विधानसभआ चुनाव में एमएनएस के टिकट पर चुनाव लड़े प्रशांत पांचवें नंबर पर रहे थे.
महाराष्ट्र के 2014 विधानसभआ चुनाव में एमएनएस के टिकट पर चुनाव लड़े प्रशांत पांचवें नंबर पर रहे थे.

प्रशांत भंडारा जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में हैं.
बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल प्रशांत का नाम.
बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल प्रशांत का नाम.

कांग्रेस से संबंध पूछे जाने पर उन्होंने कांग्रेस से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया. और भविष्य में उससे जुड़ने के किसी भी प्लान से भी इनकार किया.
तस्वीर के बारे में पूछने पर बताया कि दूध उन्होंने भंडारा जिले से मंगाया था. ये दूध उनकी जय जवान, जय किसान समिति ने इकट्ठा किया था. किसान आंदोलन का समर्थन और सरकार का विरोध करने के लिए वो ये दूध सड़क पर फैला रहे थे. उन्होंने उस दूसरी तस्वीर के बारे में भी बताया, जिसमें वो एक पुलिसवाले को उंगली दिखाते दिख रहे हैं. उन्होंने बताया कि पुलिसवालों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने बताया, 'ये हमारा दूध है. अगर दाम नहीं मिलेगा तो हम फैलाएं या कुछ भी करें, आप नहीं रोक सकते.'
बाद में कुछ जरूरतमंद लोगों के आ जाने पर दूध सड़क पर फैलाने की जगह उन्हें बांट दिया गया. 2017 में हुए एक किसान आंदोलन में भी सरकार के विरोध में प्रशांत और उनके संगठन ने टैंकर से दूध सड़कों पर फैलाया था.
खैर, कोई प्रशांत प्रभाकर पटेल के विरोध करने के तरीके से सहमत हो या न हो, लेकिन वो कांग्रेस के नेता नहीं हैं.


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