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RSS की शोकसभा में मुसलमानों को 'आखिरी युद्ध' की धमकी

मोदी सरकार में मंत्री कठेरिया बोले- 'हमें ताकत दिखानी होगी.' VHP लीडर बोले, 'पूरी तैयारी है. 13वीं से पहले बदला लेंगे.'

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स्मृति ईरानी के साथ केंद्र सरकार में जूनियर HRD मिनिस्टर रामशंकर कठेरिया. (बीच में)
मुसलमान राक्षस हैं, रावण के वंशज हैं और उन्हें आखिरी मुकाबले के लिए तैयार रहना चाहिए. ये कहा गया आगरा में हुई संघ परिवार की एक शोक सभा में. यहां पिछले हफ्ते वीएचपी वर्कर अरुण माहौर की कुछ मुसलमान नौजवानों ने हत्या कर दी थी. इस पर संघ परिवार ने शोकसभा बुलाई थी, जिसमें मोदी सरकार में एचआरडी स्टेट मिनिस्टर रामशंकर कठेरिया, फतेहपुर से बीजेपी सांसद बाबूलाल और पार्टी के कई लोकल नेता मौजूद थे. 'इंडियन एक्सप्रेस' की खबर के मुताबिक, इन सभी ने खुलेआम मंच से मुसलमानों के बारे में जहर उगला और उन्हें धमकी दी. शोकसभा में वक्ताओं ने मुसलमानों को 'घेरने और राक्षसों का नाश करने' की अपील की और कहा कि अरुण माहौर की 13वीं से पहले ही बदले की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है. मुसलमानों से मारपीट के आरोप में पहले जेल जा चुके विश्व हिंदू परिषद (VHP) के जिला सचिव अशोक लवानिया ने कहा, 'उसकी चिता पर नरमुंड चढ़ाए जाएंगे.' करीब 5 हजार लोगों की भीड़ ने नारा लगाया, 'जिस हिंदू का खून ना खौले, खून नहीं वो पानी है.' 'इंडियन एक्सप्रेस' ने इस सभा में नेताओं के भाषण के हिस्से छापे हैं.

'शोकसभा' में कौन क्या बोला?

रामशंकर कठेरिया, मानव संसाधन राज्य मंत्री, मोदी सरकार हमें खुद को ताकतवर बनाना होगा. हमें संघर्ष छेड़ना होगा. अगर हम संघर्ष नहीं छेड़ेंगे तो आज हमने अरुण को खोया है, कल किसी और को खो सकते हैं. दूसरा जाने से पहले ये हत्यारे ही चले जाएं, इस प्रकार की ताकत हमें दिखानी होगी. जगन प्रसाद गर्ग, स्थानीय BJP विधायक तुमको गोली चलानी पड़ेगी. राइफल उठानी पड़ेगी. चाकू चलाना पड़ेगा. 2017 में चुनाव आ रहे हैं, अपनी ताकत अभी से दिखानी शुरू कर दो. सुरेंद्र जैन, VHP महासचिव तुम मुजफ्फरनगर का नतीजा देख चुके हो. आगरा को मुजफ्फरनगर में मत बदलो. बाबूलाल, बीजेपी सांसद, फतेहपुर सीकरी हम किसी कीमत पर अशांति नहीं चाहते हैं. लेकिन तुम हिंदुओं को टेस्ट करना चाहते हो तो आओ एक तारीख तय करते हैं और मुसलमानों का मुकाबला करते हैं. कुंदनिका शर्मा, लोकल बीजेपी लीडर गीदड़ पार्टियां गद्दारों के वोट चाहती हैं. लेकिन हम इन गद्दारों के, अरुण माहौर के हत्यारों के सिर चाहते हैं. यह चुप रहने का समय नहीं है. छापा मारो, बुर्का पहनो, लेकिन इन्हें घेर घेर कर ले आओ. एक सिर के बदले दस सर काट लो. अशोक लवानिया, जिला सचिव, VHP मेरे भाई का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. हमारे नौजवान बदला लेंगे. अगर हम हिंदू नौजवान अपनी मां से पैदा हुए हैं, ईंट का जवाब पत्थर से, खून का जवाब खून से देंगे. एक भाई के बदले दस राक्षस मारने की जरूरत है. कई लोग हमारे पास आए और बोले कि हम कुछ नहीं कर रहे हैं. वो बोले कि कुछ करो- आगजनी, मर्डर, शूटआउट. ये कॉमन हिंदू हैं. हम इससे बच रहे हैं क्योंकि संगठन का नाम नहीं आना चाहिए. अंत में यह पूरे समाज का काम बन जाता है. एक बार लोग जोश से जुट जाएं तो कोई सवाल नहीं उठेगा. राम जन्मभूमि और मुजफ्फरनगर के केस में पार्टी गायब हो गई थी. लेकिन ये तय है कि तेरहवीं से पहले बदला लिया जाएगा. खून का बदला खून. एक्शन सिर्फ मंटोला इलाके में ही नहीं (जहां अरुण की हत्या हुई), पूरे आगरा में होगा. जहां हिंदू मेजॉरिटी में हैं, वहां होगा. हम पूरी तरह तैयार हैं. अगर वे हमला करेंगे तो महासंग्राम होगा, महाभारत होगा. आखिरी युद्ध होगा.

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