बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस क्या करेंगे? ये सवाल हर किसी के जेहन में है कि क्या बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चीफ तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही यूनुस की सत्ता से विदाई हो जाएगी? जुलाई 2024 में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस को देश की बागडोर दी गई थी. उन्हें शांतिपूर्ण चुनाव कराने और देश में एक लोकतांत्रिक सरकार स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई थी, जो सफल आम चुनाव के बाद पूरी भी हो गई.
बांग्लादेश में नई सरकार के बाद मोहम्मद यूनुस क्या करेंगे? तारिक रहमान का 'प्लान' पता चल गया
Muhammad Yunus Future: 17 फरवरी को Tarique Rahman बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. इसके बाद चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस के राजनीतिक भविष्य को लेकर संशय है.
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बांग्लादेश में चुनाव हो गए हैं. BNP जीत गई है और 17 फरवरी को तारिक रहमान देश के नए प्रधानमंत्री बनने वाले हैं. ऐसे में सवाल है कि क्या नई सरकार में मोहम्मद यूनुस का भी कोई रोल रहेगा? तारिक रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर ने इसका जवाब दिया है. हुमायूं कबीर ने NDTV के साथ बातचीत में बताया कि तारिक रहमान ‘देश के सबसे अच्छे दिमाग’ के साथ काम करने में भरोसा रखते हैं. अभी यूनुस या किसी अन्य के लिए कोई जिम्मेदारी तय नहीं की गई है लेकिन तारिक रहमान काबिल लोगों से सलाह लेकर देश चालाना चाहते हैं. हुमायूं कबीर ने कहा,
(यूनुस के) किसी तय भूमिका पर कोई चर्चा नहीं हुई. तारिक रहमान साहब सबको साथ लेकर देश को चलाने में दिलचस्पी रखते हैं और वो प्रधानमंत्री बनते हैं तो अपने पास मौजूद सभी टैलेंट का इस्तेमाल करना चाहेंगे.
हुमायूं कबीर ने कहा कि राजनीति में कुछ भी मुमकिन है. इंसान की खूबी, अनुभव और अंतरराष्ट्रीय कद के हिसाब से उसका इस्तेमाल देश के विकास में किया जा सकता है. बताया गया कि उनका ये इशारा मोहम्मद यूनुस के लिए ही था.
सरकारी दावे से इतर एक चर्चा मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश का राष्ट्रपति बनाने की भी चल रही है. कॉलमिस्ट डेविड बर्गमैन ने 'एक्स' पर लिखा है कि यूनुस के राष्ट्रपति बनने से बांग्लादेश को काफी फायदा हो सकता है. उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर काफी इज्जत मिलती है. उनके अलावा किसी अन्य बांग्लादेशी शख्स की ग्लोबल हैसियत उनके बराबर नहीं है. बर्गमैन ने कहा,
देश पर फोकस करने वाला प्रधानमंत्री जो इंटरनेशनल सोच वाले राष्ट्रपति के साथ काम कर रहा हो, वही इस समय बांग्लादेश को चाहिए.
बर्गमैन बांग्लादेश की राजनीति पर काफी कुछ लिखते रहते हैं. उन्होंने दावा किया कि तारिक रहमान और मोहम्मद यूनुस के बीच राष्ट्रपति पद को लेकर बात भी हुई है. हालांकि, तारिक रहमान की टीम और मोहम्मद यूनुस के प्रेस सेक्रेटरी दोनों ने ऐसी किसी बातचीत से इनकार किया है.
मोहम्मद यूनुस के प्रेस सेक्रेटरी शफीकुल आलम ने उन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया जिनमें कहा गया था कि यूनुस अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर के तौर पर अपने कार्यकाल के बाद कोई और रोल चाहते हैं. NDTV से बात करते हुए आलम ने कहा,
उनका फ्यूचर प्लान अपने पुराने काम पर वापस जाना है. जाहिर तौर पर वह ‘तीन जीरो’ (जीरो गरीबी, जीरो बेरोजगारी और जीरो नेट कार्बन एमिशन) के अपने विजन को आगे बढ़ाना चाहेंगे. वो दुनिया भर में घूमते हैं और इस विजन के बारे में बात करते हैं. वो कुछ नए सोशल बिजनेस एंटरप्राइज शुरू करने जा रहे हैं. उन्होंने युवाओं के साथ काम करने में अपनी दिलचस्पी दिखाई है.
शफीकुल आलम ने साफतौर पर कहा कि राजनीति में मोहम्मद यूनुस की कोई रूचि नहीं है. न ही वो किसी संवैधानिक पद पर बैठना चाहते हैं. आलम ने कहा कि यूनुस को एक नाजुक मोड़ पर शांति और स्थिरता कायम करने के लिए देश चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी. यूनुस ने जो लक्ष्य तय किए थे, उनमें से ज्यादातर हासिल कर लिए हैं.
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