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सीधी पेशाबकांड पीड़ित दशमत रावत ने सीएम शिवराज पर क्या आरोप लगा दिया?

दशमत ने भीम आर्मी जॉइन कर ली है. उनका कहना है कि वो उधार लेकर घर चला रहे हैं. उन्हें मजदूरी करने जाना है लेकिन पुलिसवालों के कारण कोई काम नहीं कर पा रहे हैं.

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सीधी पेशाबकांड में पीड़ित दशमत रावत चंद्रशेखर आजाद के संगठन भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के सदस्य बन गए हैं. (फोटो क्रेडिट - हरिओम सिंह/X)

मध्यप्रदेश में हुए सीधी पेशाबकांड (Sidhi Urination case) के पीड़ित दशमत रावत अब भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी के सदस्य बन गए हैं. पाठक जानते ही हैं कि भीम आर्मी, चंद्रशेखर आजाद का संगठन है. भीम आर्मी की सदस्यता लेते हुए दशमत ने आरोप लगाए कि पिछले 4 महीनों से किसी ने उनकी कोई खोज-खबर नहीं ली. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनका फोन उठाना बंद कर दिया है. इस सबसे परेशान होकर वो भीम आर्मी के सदस्य बन गए हैं.

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इंडिया टुडे से जुड़े हरिओम सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार दशमत रावत ने बताया,

"हमने अपने मन से भीम आर्मी की सदस्यता ली है. मुख्यमंत्री ने हमें बुलाया, हमारे लिए बहुत कुछ किया. उन्होंने हमसे कहा था कि कोई दिक्कत हो तो हमें बताइएगा. अब हम मुख्यमंत्री को फोन करते हैं तो कोई फोन ही नहीं उठाता. चार महीने होने जा रहे हैं. हमारे पास खाने-पीने तक का पैसा नहीं है. जो भी मदद करेगा उसके साथ चले जाएंगे."

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दशमत रावत ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को उनके जीने-मरने से कोई फर्क नहीं पड़ता. वो बोले,

"चार महीने होने को आए हैं. लेकिन मामा(शिवराज सिंह चौहान) को हमसे कोई मतलब नहीं है. उन्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ता कि दशमत जीता है या मर गया है. जब हमसे कोई लेना देना ही नहीं है तो हम क्या करें?"

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'पुलिस की वजह से नहीं मिल रहा काम'

दशमत रावत ने ये भी इल्जाम लगाया कि पुलिस की वजह से उन्हें कोई काम नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा,

“जो सहायता राशि दी गई थी, मैं उससे घर बनवा रहा हूं. जो थोड़ा पैसा बचा था, उससे पूरा परिवार खा-पी रहा है. कहीं काम करने तो जा नहीं पा रहे हैं. पूरे समय पुलिस हमारे साथ होती है. वो हमें कहीं जाने ही नहीं देती. हम उधार लेकर घर चला रहे हैं. हमें मजदूरी करने जाना है लेकिन पुलिसवालों के कारण कोई काम नहीं कर पा रहे हैं.”

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दशमत ने सरकार पर नौकरी नहीं देने का भी आरोप लगाय. बोले,

"हमने नौकरी की मांग की थी, लेकिन उसका कुछ नहीं हुआ. भीम आर्मी ने कहा है कि वे हमारी मदद करेंगे. पहले कई लोग आए थे, अब कोई नहीं आता. जब से चुनाव शुरू हुआ है, यहां कोई नहीं आया."

दशमत ने की पुलिस सुरक्षा हटाने की मांग

सीधी में प्रवेश शुक्ला नाम के व्यक्ति ने नशे की हालत में दशमत रावत के मुंह पर पेशाब की थी. जुलाई 2023 में इस घटना का वीडियो वायरल हुआ. वीडियो सामने आने के बाद मध्यप्रदेश में BJP सरकार की बहुत आलोचना हुई. इसके बाद आरोपियों के घर पर ‘अतिक्रमण रोधी’ कार्रवाई भी हुई. फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित दशमत रावत को अपने घर बुलाया, उनके पैर धोए और माफी मांगी. दशमत को प्रधानमंत्री आवाज योजना के तहत 1.5 लाख रूपये की मदद दी गई और 5 लाख रुपये का चेक भी. 

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इसके अलावा मुख्यमंत्री चौहान ने दशमत से उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में मदद करने का वादा भी किया था. दशमत को पुलिस सुरक्षा भी दी गई थी. लेकिन दशमत अब इसी पुलिस सुरक्षा को जेल जैसा बता रहे हैं. उन्होंने सीधी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक(SP) को पुलिस सुरक्षा हटाने के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है. हालांकि, उन्हें इसके जवाब में मौखिक आश्वासन मिला है. कलेक्टर और SP ने उन्हें कहा है कि चुनाव के बाद उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को हटा लिया जाएगा.

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