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कोरोना वैक्सीन को लेकर पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, लेकिन एक अलग ही बवाल हो गया

बैठक में बताया गया कि कोरोना की वैक्सीन सबसे पहले किन्हें दी जाएगी.

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बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि कोरोना की वैक्सीन जल्द ही आने की उम्मीद है. सरकार वैक्सीन वितरण को लेकर बड़े लेवल पर काम कर रही है. (फोटो - इंडिया टुडे)
देश में कोरोना वैक्सीन लॉन्च करने की तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार 4 दिसंबर को सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक की. इस दौरान पीएम मोदी ने बताया कि अगले कुछ हफ्तों में ही वैक्सीन आने की उम्मीद है. बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से प्रेजेंटेशन देकर जानकारी दी गई कि वैक्सीन सबसे पहले किन्हें मिलेगी. लेकिन DMK के नेता टी.आर. बालू ने इस बैठक में एक अलग ही मुद्दा उठा दिया. सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी आठ ऐसी वैक्सीन हैं, जो ट्रायल के स्टेज में हैं. केंद्र सरकार बड़े लेवल पर वैक्सीन वितरण को लेकर काम कर रही है. इसे पूरी तरह से जमीन पर लाने में राज्य सरकारों की भूमिका अहम होगी. सरकार ने एक नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप बनाया है, जिसकी सिफारिश के अनुसार ही काम होगा. वैक्सीन की कीमत क्या होगी, इस पर केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर फैसला लेंगी. मीटिंग में बताया गया कि भारत एक विशेष सॉफ्टवेयर पर काम कर रहा है, जो हर किसी को वैक्सीन पहुंचाने की ट्रैकिंग करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,
"भारत के वैज्ञानिक अपनी सफलता को लेकर बहुत आश्वस्त हैं. अभी अन्य देशों की कई वैक्सीनों के नाम आप सुन रहे होंगे. लेकिन दुनिया की नजर कम कीमत वाली सबसे सुरक्षित वैक्सीन पर है. और इसी वजह से सबकी नजर भारत पर है. करीब-करीब 8 ऐसी संभावित वैक्सीन हैं, जो ट्रायल के अलग-अलग चरण में हैं. इनकी मैन्यूफैक्चरिंग भारत में ही होनी है. माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों में कोरोना की वैक्सीन तैयार हो जाएगी. जैसे ही वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलेगी, भारत में टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा. 
इंडिया टुडे की खबर में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि सर्वदलीय बैठक में जानकारी दी गई कि सबसे पहले करीब एक करोड़ हेल्थवर्कर्स को वैक्सीन दी जाएगी. इसके बाद दो करोड़ कोरोना से जंग में जुटे फ़्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाई जाएगी.  फिर 27 करोड़ सीनियर सिटीज़ंस को वैक्सीन की डोज दी जाएगी.

तमिलनाडु के नेता हिन्दी पर भड़के

कोरोना पर मीटिंग के दौरान एक अलग ही बवाल हो गया. तमिलनाडु के DMK नेता टीआर बालू ने बैठक में सिर्फ हिन्दी में प्रेजेंटेशन दिए जाने पर आपत्ति जाहिर कर दी. उन्होंने सवाल किया कि ये प्रेजेंटेशन अंग्रेजी में क्यों नहीं हुई? यहां तक कि उसका सब-टाइटल इंग्लिश में क्यों नहीं दिखाया गया? टीआर बालू ने ये भी कहा कि सरकार को किसानों के मुद्दे पर भी चर्चा करनी चाहिए. लेकिन संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उन्हें इस पर टोक दिया. जोशी ने कहा कि ये इस मीटिंग का मुद्दा नहीं है. मंत्री ने नेता को भरोसा दिलाया कि पूरी बैठक में जो प्रेजेंटेशन दिखाई गई है, उसका अंग्रेजी अनुवाद उन्हें दिया जाएगा. मीटिंग के बाद कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई सही दिशा में चल रही है, देश में मेडिकल नेटवर्क काफी अच्छा है. लेकिन अभी लड़ाई थमी नहीं है, हमारी मांग है कि संसद का सत्र बुलाया जाए ताकि हर विषय पर विस्तार से चर्चा हो सके.

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