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लावारिस बच्चे को दूध पिलाती कॉन्स्टेबल की ये फोटो आज की सबसे खूबसूरत फोटो है

इस बच्चे और अर्चना की कहानी दिल खुश कर देगी.

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लावारिस मिले बच्चे के साथ थाने में अर्चना. इन्होंने बच्चे को दूध पिलाया, तब उसकी जान बची.

सोशल मीडिया पर दिनभर में बहुत कुछ दिखता है. अच्छा-बुरा, हर तरह का कॉन्टेंट. पर कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं कि देखकर एकदम दिल खुश हो जाता है. बेंगलुरु से ऐसी ही एक फोटो आई है, जो आपने ऊपर देखी. इसकी कहानी भी दिल खुश कर देने वाली है.

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शुक्रवार की सुबह बेंगलुरु के दोद्दाथगुरु इलाके में एक शख्स कचरा बीन रहा था. सेलिब्रिटी लेआउट इलाके में जहां एक घर बन रहा था, वहां झाड़ी के पास उसे प्लास्टिक के बैग में एक नवजात बच्चा दिखा. उसने पास के दुकानदार को उसके बारे में बताया. दुकानदार ने उस बच्चे की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंचाई. फिर ASI नागेश आर. बच्चा मिलने वाली जगह पहुंचे और उन्होंने बच्चे को बचाया. तब तक उस जगह ढेर सारे लोग इकट्ठे हो गए थे.


नागेश उस बच्चे को वहां से उठाकर पास के ही एक डॉक्टर के पास ले गए. डॉक्टरों को जब उस बच्चे की कहानी पता चली, तो उन्होंने मुफ्त में उसका इलाज किया. नागेश बताते हैं, 'बच्चा बहुत बुरी हालत में था. वो खून से सना हुआ था और उसकी गर्भनाल उसके गले में लिपटी हुई थी.'

डॉक्टरों से फौरी राहत मिलने के बाद नागेश बच्चे को थाने ले आए और उसे महिला कॉन्स्टेबल अर्चना के हवाले कर दिया. अर्चना का अपना तीन महीने का एक बेटा है. कचरे में मिला बच्चा बहुत ही कमज़ोर था. हिल-डुल भी नहीं पा रहा था. अर्चना से ये देखा नहीं गया. उन्होंने बच्चे को अपना दूध पिलाया. इसके कुछ देर बाद बच्चे की ऐसी हालत हुई कि वो कम से कम रो सके.

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अर्चना इस बारे में बताती हैं, 'वो रो रहा था और ये मुझसे सहन नहीं हो रहा था. मुझे उसमें अपना बच्चा दिखा और मैंने उसे दूध पिलाया.'

बच्चे के होश में आने के बाद पुलिस थाने में ऐसा माहौल था, जैसे वहां कोई जलसा चल रहा हो. नागेश उस बच्चे के लिए नए कपड़े लेकर आए और उसका नाम रखा- 'कुमारस्वामी'. नाम रखने के पीछे की वजह बताते हुए वो कहते हैं, 'अब से सरकार का बच्चा है और हमने इसका नाम कुमारस्वामी रखा है, क्योंकि अब ये सरकार के संरक्षण में रहेगा.'


कुमारस्वामी
कुमारस्वामी

सड़क किनारे लावारिस हालत में मिलने से लेकर एक पुलिस कॉन्स्टेबल से मां का प्यार पाने और राज्य के सीएम का नाम पाने वाले इस बच्चे ने कुछ ही दिनों में इतना सफर तय कर लिया है, जिसका उसे अंदाज़ा तक नहीं है. पुलिस की ये सूरत और अर्चना का ये प्यार और प्यार जगाता है. एक अच्छा इंसान बनने की तरफ ले जाता है. थाने में ख्याल रखने के बाद कुमारस्वामी को होसुर रोड के शिशु मंदिर में दे दिया गया.




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