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मायावती INDIA गठबंधन पर सपा से इतना गुस्सा क्यों हो गईं? किस 'फेक न्यूज़' पर खूब सुनाया?

मायावती ने INDIA गठबंधन के किसी भी नेता से किसी भी तरह की मुलाकात होने का खंडन किया है. सपा नेता और अखिलेश यादव के चाचा राम गोपाल यादव का नाम लेकर BSP प्रमुख ने क्या-क्या कहा?

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बसपा प्रमुख मायावती ने INDIA गठबंधन को लेकर अपना रुख फिर साफ़ किया है | फाइल फोटो: आजतक

बसपा प्रमुख मायावती ने INDIA गठबंधन के नेताओं से मुलाकात होने की खबरों का खंडन किया है. उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह निराधार और झूठी हैं. और बसपा का INDIA गठबंधन से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है. लेकिन, इस सबमें ध्यान देने वाली बात ये है इस दौरान मायावती ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चाचा राम गोपाल यादव का नाम लिया. और साथ ही सपा पर जमकर निशाना साधा. ऐसा उन्होंने क्यों किया ये आगे बताते हैं.

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मायावती ने सपा वालों को जमकर सुनाया

बुधवार (11 अक्टूबर) को मायावती ने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट लिखा. इसमें उन्होंने इन खबरों का खंडन किया है. उन्होंने लिखा,

'सपा नेता रामगोपाल यादव के हवाले से बसपा के ’INDIA’ गठबंधन में शामिल होने के लिए नेताओं की मुलाकात की खबर न्यूज18 चैनल पर प्रसारित हुई. ये खबर पूरी तरह से गलत, बेबुनियाद और फेक न्यूज है. बार-बार ऐसी मनगढ़ंत खबरों से मीडिया अपनी इमेज खराब करने पर क्यों तुला है? कहीं ये सब किसी एजेंडे के तहत तो नहीं हो रहा?'

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मायावती ने सपा और उसके नेताओं पर भी सवाल उठाया. उन्होंने आगे लिखा,

'मीडिया द्वारा ऐसी अनर्गल खबरों का सपा और उसके नेता द्वारा खंडन नहीं करना, क्या ये साबित नहीं करता है कि सपा की हालत उत्तर प्रदेश में काफी बदहाल है और वो भी उस घृणित राजनीति का हिस्सा है जो बीएसपी के खिलाफ लगातार सक्रिय है. ऐसी फेक खबरों से हमारी पार्टी के लोग सावधान रहें.'

मायावती का INDIA गठबंधन को लेकर क्या रुख है?

30 अगस्त की बात है. चर्चा शुरू हुई कि मायावती अगले लोकसभा चुनाव में किसके साथ जाएंगी? ज्यादातर लोगों की जुबान पर INDIA गठबंधन का नाम था. चर्चा ज्यादा हुई तो मायावती ने आगे आकर INDIA के साथ जाने की अटकलों पर विराम लगा दिया. बीएसपी सुप्रीमो ने अपने एक ट्वीट में लिखा,

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"एनडीए और INDIA गठबंधन में अधिकतर गरीब विरोधी, जातिवादी, सांप्रदायिक पूंजीवादी नीतियों वाली पार्टियां हैं, जिनकी नीतियों के खिलाफ बीएसपी लगातार संघर्ष कर रही है. इसीलिए इनसे गठबंधन करके चुनाव लड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता. अतः मीडिया से अपील है कि नो फेक न्यूज प्लीज."

मायावती ने इस दौरान ये भी साफ़ किया कि उनकी पार्टी 2007 के यूपी विधानसभा की तरह ही आगामी लोकसभा और चार राज्यों में विधानसभा का चुनाव अकेले लड़ेगी.

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