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मणिपुर: नौ मैतेई उग्रवादी संगठन बैन, देश के टुकड़े करने में लगे थे, और क्या-क्या पता लगा?

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मणिपुर के 9 मैतेई चरमपंथी समूहों, उनके गुटों, विंग्स और फ्रंट ऑर्गनाइजेशंस पर UAPA के तहत 5 साल का प्रतिबंध लगा दिया है. गृह मंत्रालय ने इनके बारे में बहुत बड़ी बातें बताई हैं

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मणिपुर में 3 मई 2023 से जारी मैतेई और कुकी-जोमी समुदाय के बीच हिंसा में अभी तक 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. (फोटो क्रेडिट - पीटीआई)

मणिपुर(Manipur Violence) में मैतेई और कुकी-जोमी समुदाय के बीच मई 2023 से संघर्ष जारी है. इधर कुछ दिनों से राज्य में शांति है. लेकिन बीच-बीच में छिटपुट घटनाएं होती रही हैं. इस बीच केंद्र सरकार ने मणिपुर के 9 मैतेई चरमपंथी समूहों पर 5 साल के लिए प्रतिबंध (Meitei Extremist groups ban) लगा दिया है.

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न्यूज एजेंसी ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने 13 नवंबर को एक नोटिफिकेशन जारी कर इसकी सूचना दी. इसमें कहा गया कि मैतेई चरमपंथी संगठन, उनके गुटों, विंग्स और फ्रंट ऑर्गनाइजेशंस को गैरकानूनी गतिविधियां(रोकथाम) अधिनियम(UAPA) के तहत 5 साल के लिए गैरकानूनी घोषित किया जाता है.

प्रतिबंधित संगठनों में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी(PLA) और उसकी राजनीतिक शाखाएं, रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF), यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) और इसकी सशस्त्र शाखा, मणिपुर पीपुल्स आर्मी (MPA), पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (PREPAK) और इसकी सशस्त्र शाखा - रेड आर्मी, कांगलेई याओल कनबा लुप (KYKL), कॉर्डिनेशन कमेटी (CorCom), कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) और इसकी सशस्त्र शाखा - रेड आर्मी और एलायंस फॉर सोशलिस्ट यूनिटी कांगलेइपाक (ASUK), इनके सभी गुट, विंग्स और फ्रंट ऑर्गनाइजेशंस शामिल हैं.

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'मणिपुर को अलग करना चाहते थे'

गृह मंत्रालय ने अपने नोटिफिकेशन में बताया है कि मंत्रालय को मिले इनपुट्स के आधार पर ये कार्रवाई की गई है. ये संगठन हथियारबंद संघर्ष के जरिए मणिपुर को भारत से अलग करना चाहते थे. उनका उद्देश्य मणिपुर को एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाने का था. वे मणिपुर के मूल निवासियों को उकसाकर राज्य को भारत से अलग करना चाहते थे.

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साथ ही गृह मंत्रालय ने ये भी बताया कि ये मैतेई चरमपंथी संगठन भारत की संप्रभुता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक पिछले दिनों इन संगठनों ने मणिपुर में सुरक्षा बलों, पुलिस और नागरिकों पर हमला करने और उन्हें मारने के लिए हथियारों को इकट्ठा किया था. इसके चलते इन सभी संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया है.

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मणिपुर में 3 मई से जारी जातीय संघर्ष में अभी तक 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, अन्य सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. 

वीडियो: मैतेई लड़ाकों ने मणिपुर वायरल वीडियो पर घिनौनी बात कह दी

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