मणिपुर के विष्णुपुर जिले में एक बार फिर हिंसा भड़क गई. शुक्रवार, 4 अगस्त की देर रात इस हिंसा में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई. घटना विष्णुपुर के क्वाक्टा इलाके की है. तीनों मृतक मैतेई समुदाय के बताए जा रहे हैं. वहीं कुकी समुदाय के लोगों के घरों में आग लगा दी गई. इलाके में इस हिंसा के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं. इंडिया टुडे के आशुतोष मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार, 5 अगस्त की सुबह भी विष्णुपुर के क्वाक्टा इलाके में जबरदस्त फायरिंग हो रही है. पुलिस भी जवाबी कार्रवाई कर रही है.
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, तीन लोगों की मौत, बम और ड्रोन से हमला किया गया
BJP विधायक ने सुरक्षाकर्मियों पर सवाल उठाए हैं.


रिपोर्ट के मुताबिक, गोलीबारी कुकी बहुल पहाड़ी इलाके से हो रही है. पहाड़ी इलाकों से बम और ड्रोन से हमला किया जा रहा है. मणिपुर पुलिस और कमांडो जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि पहाड़ी इलाकों से आए ड्रोन को पुलिस और स्थानीय हथियारबंद ग्रामीण मार गिराने की कोशिश कर रहे हैं. घटना के बाद मैतेई बहुल विष्णुपुर जिले और कुकी-ज़ोमी बहुल चुराचांदपुर जिले की सीमा पर स्नाइपर और कमांडो तैनात किए गए हैं.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार विष्णुपुर जिले के क्वाक्टा इलाके से दो किलोमीटर आगे तक केंद्रीय बलों ने बफर जोन बनाया है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ लोग बफर जोन को पार करके मैतेई इलाकों में आए और उन्होंने फायरिंग की. इस बीच एक कमांडो के सिर पर चोट लगी है. बताया जा रहा है कि घायल कमांडो की हालत काफी गंभीर है, जिन्हें विष्णुपुर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.
इस बीच BJP विधायक राजकुमार इमो सिंह ने इलाके में तैनात अर्धसैनिक बलों पर सवाल उठाया. बीजेपी विधायक ने तीन लोगों की मौत पर दुःख जताते हुए कहा,
"हमें 5 अगस्त की सुबह बहुत दुःखी करने वाली खबर मिली. विष्णुपुर जिले के क्वाक्टा इलाके में तीन लोगों की सोते समय हत्या कर दी गई. हमारे राज्य में जो हो रहा है, वो बहुत बुरा है. तथाकथित पैरामिलिट्री फोर्सेज और सुरक्षा बल जो वहां तैनात हैं, उन्हें जवाब देना चाहिए. उनकी ड्यूटी के दौरान ऐसा कैसे हुआ?"
विधायक ने इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है. कहा है कि जिम्मेदार लोगों को निलंबित किया जाना चाहिए.
क्वाक्टा में जान गंवाने वाले तीनों मृतकों की पहचान युमनम जितेन मैतेई (46), युमनम पिशाक मैतेई (67) और युमनम प्रेमकुमार मैतेई (39) के तौर पर की गई है. ये सभी क्वाक्टा लामल्हाई के रहने वाले थे. न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि तीन मृतकों में पिता-पुत्र शामिल हैं. PTI ने पुलिस के हवाले से बताया कि तीनों व्यक्तियों की कथित तौर पर सोते समय हत्या कर दी गई.
पुलिस के मुताबिक तीनों मृतक एक राहत शिविर में रह रहे थे, लेकिन हालात में सुधार होने के बाद शुक्रवार, 4 अगस्त को क्वाक्टा में अपने घर लौट आए थे. पुलिस ने कहा कि घटना के तुरंत बाद, गुस्साई भीड़ क्वाक्टा में जमा हुई, जो चुराचांदपुर की ओर जाना चाहती थी, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक इससे दो दिन पहले गुरुवार, 3 अगस्त को मणिपुर के विष्णुपुर जिले में ही सशस्त्र बलों और मैतेई समुदाय के प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी. इस दौरान 17 लोग घायल हो गए थे.
27 विधानसभा क्षेत्रों की समन्वय समिति की हड़तालवहीं, मणिपुर में 27 विधानसभा क्षेत्रों की समन्वय समिति की ओर से शनिवार, 5 अगस्त को 24 घंटे की आम हड़ताल बुलाई गई. हड़ताल से इंफाल घाटी में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इंफाल घाटी में लगभग सभी इलाकों में बाजार बंद हैं. आधी रात से बुलाई गई इस हड़ताल की वजह से सड़कों पर गाड़ियों की आवा-जाही प्रभावित है. सड़कों पर सिर्फ कुछ प्राइवेट गाड़ियां ही दिखीं. स्कूल बंद रहे.
हालांकि, इस हड़ताल का पहाड़ी जिलों पर कोई खास असर नहीं देखा गया.
समन्वय समिति के मुताबिक, ये हड़ताल आपातकालीन विधानसभा सत्र के लिए की गई है ताकि कई मुद्दों पर चर्चा की जा सके. इससे पहले समिति के संयोजक एल बिनोद ने कहा था कि हड़ताल लोगों की कठिनाइयों को बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि "सरकार पर दबाव बनाने" के लिए है.
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