The Lallantop

मेट्रो में लड़का-लड़की को साथ देख 'अजीब' फील करने लगा, लोग बोले- 'हीन भावना से निकलो वत्स'

लोगों ने वीडियो शेयर करने वाले शख्स की खिंचाई कर दी.

Advertisement
post-main-image
दिल्ली मेट्रो का एक और वीडियो वायरल, पर वजह कुछ और है. (सांकेतिक फोटो- पीटीआई)

दिल्ली मेट्रो सिर्फ यातायात का एक साधन नहीं है. इसे दिल्ली की लाइफलाइन माना जाता है. ट्रेन 10 मिनट के लिए भी लेट हो जाए तो स्टेशन से लेकर ट्विटर तक हल्ला मच जाता है. इन दिनों भी मेट्रो खबरों में है. लेकिन किसी गड़बड़ी या अनहोनी की वजह से नहीं, बल्कि कुछ वीडियोज की वजह से. एक के बाद एक ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें कुछ लोग ऐसी हालत में ट्रेन में सफर करते दिखे जो कइयों को रास नहीं आई. हालांकि आपत्ति जताने वाले लोग बिना किसी बात के भी दूसरों के वीडियो बनाकर शेयर करते दिखे. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

अभिनव ठाकुर नाम के व्यक्ति ने ये वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया है. केवल एक सेकंड के इस वीडियो में एक लड़का और एक लड़की दिल्ली मेट्रो में साथ बैठे दिख रहे हैं. लड़की का सिर लड़के के कंधे पर है. और लड़के का हाथ लड़की के कंधे पर. ये पढ़कर शायद आपको भी लगा हो कि इसमें दिक्कत क्या है. यही हम भी सोच रहे हैं कि दो दोस्त, या दो प्रेमी कंधों पर हाथ या सिर रखकर साथ बैठे हैं तो इसमें किसी को क्या ही दिक्कत हो सकती है. 

लेकिन ऐसा हर कोई सोचे ये जरूरी नहीं. जैसे अभिनव ठाकुर को इन दोनों युवाओं का इस तरह बैठना अच्छा नहीं लगा. अब उन्हें अच्छा नहीं लगा यहां तक तो क्या ही कहें. लेकिन वो इतना दुखी हो गए कि दोनों युवाओं की सहमति लिए बिना ही उनका वीडियो बनाया, ट्विटर पर डाला और DMRC के डीसीपी को टैग करते हुए लिख दिया,

Advertisement

"ये क्या बेहूदगी है… मुझे अजीब लग रहा है, कृपया मदद करें."

खबर लिखे जाने तक इस वीडियो पर आठ लाख से ज्यादा व्यूज़ आ गए थे. इस पर कई लोगों ने कॉमेंट कर अपनी राय रखी है. ज्यादातर लोगों ने अभिनव के इस वीडियो और ट्वीट को करतूत की तरह देखा और उनकी जमकर आलोचना की. विनीत नाम के एक यूज़र ने लिखा,

"ऑकवर्ड फील कर रहा था तो अगले स्टेशन पर उतर जाता भाई, वो सिर्फ अच्छा टाइम स्पेंड कर रहे हैं."

Advertisement

एक यूज़र ने लिखा,

“हम समझ सकते हैं अभिनव, मेरा सुझाव है कि आपको मदद लेनी चाहिए. मुझे यकीन है कि थोड़ी सी मदद से आप कपल्स या आम लोगों के बीच जो ऑकवर्ड फील करते हैं, उससे राहत मिलेगी. मैं आपके लिए दुआ करूंगी.”

मेड्यूसा फ्लॉवर हैंडल से अभिनव की खिंचाई करते हुए ट्वीट आया,

“मैं बहुत ऑकवर्ड फील कर रही हूं. ये आदमी रैंडमली ट्रेन में बैठ लोगों की वीडियो बना रहा है. ये वीडियो लूप में है. वो शायद एक-आधे मिनट के लिए वैसे बैठे होंगे, जैसा आपको वीडियो में दिख रहा है.”

प्रियंका लाहिरी नाम के यूज़र ने लिखा,

“बिना इज़ाज़त अनजान लोगों का वीडियो बनाना कानूनन अपराध होना चाहिए.”

प्रशांत टंडन ने लिखा,

“अभिनव ठाकुर पर बिना इज़ाज़त इस कपल का वीडियो बनाने के लिए केस किया जाना चाहिए.”

कबीर ग्रोवर ने भी अपनी राय रखी. लिखा,

"आप ऑकवर्ड फील कर रहे हैं? इस कपल का वीडियो बनाते हुए? दिमाग बड़ा कर ले मेरे भाई. दिल्ली मेट्रो के डीसीपी, आपको देखना चाहिए कैसे इस आदमी ने दूसरों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है."

टी नाम के यूज़र ने भी ट्वीट किया,

"ये ऑकवर्ड कैसे हुआ? ओवररिएक्ट करना बंद करो. आपको उनका वीडियो नहीं बनाकर दूसरी ओर भी देख सकते थे."

अभिनव ने ऐसी टिप्पणियों का जवाब भी दिया. मयंक नाम के एक यूजर ने अभिनव के लिए लिखा था,

“इसे ऑकवर्ड फील करना नहीं कहते, इसे इनफीरियर फील करना कहते हैं...ये सब बातें करना बंद कर दोगे, धार्मिक कट्टरपंथ से बाहर आओगे तो ये तुम्हारा भी जीवन हो सकता है..फिर ऐसा नहीं लगेगा...हीन भावना से निकलो वत्स.”

इस कॉमेंट पर अभिनव ने लिखा,

“भाई मुझे मेरा जीवन ऐसा नहीं करना... मेरा जीवन बंद कमरे में अच्छा चल रहा है. ये तुम अपने घर वालों के सामने बैठ कर करो, और कट्टरपंथी तो मैं हूं. और जो उखाड़ सके तो उखाड़ लियो...”

अपनी बात को सही साबित करने के लिए अभिनव ने एक दूसरे कॉमेंट में ये भी दावा किया है कि दोनों युवा और भी कुछ कर रहे थे जिसका वीडियो वो नहीं बना सके. लेकिन वो इस बात का जवाब नहीं दे रहे कि दो लोगों की सहमति लिए बिना उन्होंने उनका वीडियो क्यों बनाया.

वीडियो: सोशल लिस्ट: दिल्ली मेट्रो के वायरल वीडियो को देख लोगों ने कहा, परिवार के साथ चलने लायक नहीं रह गई मेट्रो

Advertisement