बेरोजगारी का मारा, 500 रुपये के लिए दरिया में कूदा
बच्चे को साइंस पढ़ाना चाहता था, लेकिन पैसे नहीं थे.
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साबरमती रिवरफ्रंट. Source: Wikipedia
एक बेरोजगार आदमी ने थोड़े से पैसे कमाने के लालच में अपनी जान को खतरे में डाल दिया. असल में अपने घरवालों को पैसे भेजने के लिए उसने एक ऐसी शर्त लगा ली, जिसमें उसकी जान जाते जाते रह गई. द मिरर के मुताबिक 41 साल का देबेश खनाल को उसके दोस्तों ने कहा कि अगर वो साबरमती नदी को तैर कर पार कर ले तो उसे 500 रुपये देंगे. पैसे कमाने का आसान तरीका पा कर देबेश ने नदी में छलांग दी. पर नदी में कुछ मीटर तैरते ही उसे खतरे का एहसास हो गया. वो मदद के लिए चीखने लगा. फिर नदी के पास तैनात गार्डों ने आ कर उसकी जान बचाई. देबेश नेपाल का रहने वाला है. और आजकल गुजरात में दिहाड़ी पर काम कर रहा था. देबेश ने द मिरर को बताया, "मैं छोटे मोटे काम कर दिन भर में लगभग 400 रुपये कमा लिया करता था. लेकिन इन दिनों मुझे पैसों की ज्यादा जरूरत थी. मैंने अपने दोस्त सागर थापा से मदद मांगी. उसने मुझसे कहा कि अगर साबरमती नदी तैर कर पार कर जाऊं तो मुझे 500 रुपये देगा." पिछले एक हफ्ते से देबेश बेरोजगार था. दान का दिया हुआ खा रहा था. "मेरा बेटा साइंस पढ़ता है. उसे पढ़ाने के लिए मुझे पैसे चाहिए थे. इसलिए मैंने दोस्त की शर्त मान ली. पर मुझे बीच में लगने लगा कि मैं डूब जाऊंगा." जब तक गार्ड देबेश को बचाते, उसका दोस्त सागर वहां से भाग निकला. देबेश ने पुलिस को बताया कि वो अपने गांव में अक्सर तैरता था. उसे यकीन था कि वो ये शर्त जीत लेगा. देबेश 6 साल पहले शहर में नौकरी की तलाश में आया था. 6 साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी. वो घर का इकलौता कमाने वाला बंदा था. एक होटल में किचन सुपरवाइजर था. पर होटल बंद हो जाने की वजह से उसकी नौकरी चली गई. तबसे अलग अलग होटलों में ठेके पर काम कर रहा था. फिलहाल पुलिस ने पूरी घटना को दर्ज कर लिया है.
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