बदला लेना है तो रेप कर दो. समाज में तथाकथित बेइज्ज़त करना है तो रेप कर दो. लड़की है घर से बाहर निकलेगी, नहीं निकलना चाहिए रेप कर दिया जाएगा. क्या है ये सब? क्या लड़की की इज्ज़त उसकी वेजाइना है. क्यों समाज रेप को हिंसा नहीं मानता. क्यों उसमें इज्ज़त तलाशता रहता है? पंजाब के जालंधर में एक लड़की का रेप हुआ है. जिसने रेप कराया वो कोई और नहीं बल्कि लड़की का दोस्त ही है. लड़की ने जिनपर रेप का इल्ज़ाम लगाया है वो उसके बॉयफ्रेंड के दोस्त ही हैं. रेप की जो वजह लड़की ने बताई, वो समाज की मानसिकता के दिवालियापन को दिखाती है कि हमारा समाज आज भी कितना बीमार है. लड़की का कहना है कि उसके बॉयफ्रेंड को उससे शादी न करनी पड़े, इसलिए उसने अपने दोस्तों से रेप करा दिया. पुलिस ने लड़की के बॉयफ्रेंड को अरेस्ट कर लिया है. बाकी आरोपियों को पुलिस तलाश रही है. पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट में रेप होने की पुष्टि की है.
अगर लड़की की बात में सच्चाई है तो ये रेप की कहानी समाज की सोच पर तरस खाने वाली है. क्योंकि ये रेप उसी समाज की सोच का नतीजा है, जो लड़की की इज्ज़त उसकी वेजाइना में ढूंढता है. अगर लड़की के साथ रेप हो गया तो समझो उसकी इज्ज़त गई. अब इस समाज के मुताबिक वो किसी को मुंह दिखाने काबिल नहीं रही. धिक्कार है ऐसी सोच पर जो लड़की के साथ हुई हिंसा में उसका साथ नहीं देता, लड़की पर हुए जूल्म की तरह नहीं देखता. बल्कि उसको नीचा साबित करने के लिए 'इज्ज़त चली गई' जैसे मुहावरे गढ़ लेता है.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लड़की ने पुलिस को बताया कि हैप्पी और वह दोनों कॉलेज में एक ही क्लास के स्टूडेंट थे. दोनों रिलेशनशिप में थे. काफी टाइम बाद दोनों ने शादी का फैसला किया था. लड़की का कहना है, '20 जुलाई को हैप्पी ने मुझे कॉल किया और बोला कि वह अपने घरवालों से मुझे मिलाना चाहता है. इसके बाद उसने मुझे कमरे पर बुलाया और वहां से अपने घर ले जाने की बात कही.' लड़की का कहना है कि हैप्पी और उसके दोस्त उसे खेत में एक ट्यूबवेल के कमरे में ले गए, जहां रेप किया किया गया. इसके बाद एक हवेली में भी लेकर गए. वहां भी उसके साथ रेप किया गया. पुलिस ने हैप्पी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. गैंगरेप, धोखा देने जैसी कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है. हैप्पी के दोस्तों बिंदू और रवि को जल्द ही गिरफ्तार करने का दावा पुलिस कर रही है.
अगर लड़की की बात को सच मान लिया जाए तो ये शादी न करने का कौन सा बहाना है कि लड़की का रेप हो गया. इसलिए शादी नहीं कर सकता. क्या लड़की की इज्ज़त उसकी वेजाइना ही थी. क्यों रेप को हिंसा नहीं मानते? लड़की दर्द से गुजरी होती है. इस सिचुएशन में तो लड़की का साथ देना चाहिए.
क्या अगर किसी को गोली लगती है तो उसे नज़रों से गिरा दिया जाता है. क्या किसी पर चाकू से हमला होता है तो उसका समाज बायकॉट कर देता है कि नहीं अब इसके चाक़ू लग गया, इसकी इज्ज़त गई. जब बाकी हिंसा में समाज पीड़ित के साथ होता है. उससे हमदर्दी दिखाता है. इलाज कराता है. और मुजरिम को सजा दिलाने के लिए आतुर रहता है, तो फिर लड़की के साथ ऐसा ज़ुल्म क्यों. आखिर क्यों सेक्शुअल हमलों को छिपाने की कोशिश की जाती है. क्यों वेजाइना को ही इज्ज़त का ज़िम्मेदार ठहराया जाता है. इज्ज़त जानी है तो उसकी जाए, जिसको कहा जाता है कि 'इज्ज़त लूट ली.' बायकॉट होना है तो सेक्शुअल हमला करने वाले का होना चाहिए. समाज नज़रों में गिराना चाहता है तो रेपिस्ट को गिराए. फिर क्यों लड़की से शादी न करने का बहाना रेप है?